नोएडा में ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर बुजुर्ग से 27.50 लाख रुपये की ठगी, महिला ने फंसाया

नोएडा, ऑनलाइन ट्रेडिंग और सोना-चांदी में निवेश कर भारी मुनाफा कमाने का झांसा देकर साइबर अपराधियों ने एक बुजुर्ग व्यक्ति के साथ बड़ी ठगी की वारदात को अंजाम दिया है।

नोएडा में ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर बुजुर्ग से 27.50 लाख रुपये की ठगी, महिला ने फंसाया

नोएडा, ऑनलाइन ट्रेडिंग और सोना-चांदी में निवेश कर भारी मुनाफा
कमाने का झांसा देकर साइबर अपराधियों ने एक बुजुर्ग व्यक्ति के साथ बड़ी ठगी की वारदात
को अंजाम दिया है। सेक्टर-121 स्थित क्लियो काउंटी सोसाइटी के रहने वाले सेवानिवृत्त बुजुर्ग
केवल कृष्ण सहगल से कुल 27.50 लाख रुपये ठग लिए गए हैं। आरोपियों ने व्हाट्सऐप के
जरिए संपर्क साधकर उन्हें एक खास ऐप पर निवेश करने के लिए राजी किया था। जब पीड़ित
को अपने साथ हुई धोखाधड़ी का अहसास हुआ, तो उन्होंने तुरंत साइबर क्राइम थाने में अपनी
शिकायत दर्ज कराई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलिस उपायुक्त साइबर क्राइम प्रीति यादव ने बताया है कि केवल
कृष्ण सहगल की करीब दो महीने पहले इंटरनेट के माध्यम से निधि शर्मा नाम की एक महिला
से जान-पहचान हुई थी। दोनों के बीच लगातार व्हाट्सऐप कॉल पर बातचीत होती रहती थी।
बातचीत के दौरान उस महिला ने खुद को एक ऐप पर सोने और चांदी की ग्लोबल मार्केटिंग
करने वाली बताया था। महिला ने पीड़ित को उस ऐप पर निवेश करने पर बहुत अच्छा मुनाफा
दिलाने का पूरा भरोसा दिया था।

उस महिला की बातों पर पूरी तरह विश्वास करके पीड़ित केवल कृष्ण सहगल ने 12 अगस्त के
दिन पेटीएम के जरिए 50 हजार रुपये का निवेश किया। इसके बाद सिलसिलेवार तरीके से रकम
ट्रांसफर करने का सिलसिला जारी रहा। पीड़ित ने 14 अगस्त को आरटीजीएस के माध्यम से
पांच लाख रुपये, 18 अगस्त को 15 लाख रुपये और 24 अगस्त को सात लाख रुपये अलग-
अलग बैंक खातों में ट्रांसफर किए। इस तरह अलग-अलग तिथियों में कुल मिलाकर 27.50 लाख
रुपये का निवेश किया गया।
उस ऐप पर निवेश की गई मूल रकम के साथ-साथ लगातार बढ़ता हुआ मुनाफा भी दिखाई देता
रहा, जिससे पीड़ित को धोखाधड़ी का शक नहीं हुआ। लेकिन जब 25 अगस्त को पीड़ित ने
अपनी जमा रकम को निकालने का प्रयास किया, तो उन्हें बताया गया कि पैसे की निकासी के
लिए कम से कम 30 ट्रांजेक्शन पूरे करना बेहद जरूरी है। इसके बाद तीन सितंबर को जब 30
ट्रांजेक्शन पूरे हो गए, तो पीड़ित ने दोबारा से रकम निकालने की कोशिश की।
उस समय ऐप पर करीब 16.22 लाख रुपये का लाभ दिखाई दे रहा था। लेकिन जब पैसे
निकालनेचाहे, तो आरोपियों ने कन्वर्जन चार्ज के नाम पर करीब 19 लाख रुपये और जमा करने
को कह दिया। इस मांग के बाद पीड़ित केवल कृष्ण सहगल को अपने साथ हुई ठगी का पूरा
संदेह हुआ। इसी दौरान शातिर आरोपियों ने उनका यूजर आईडी और पासवर्ड भी बदल दिया,
जिससे वह अपने निवेश और मुनाफे की रकम तक बिल्कुल नहीं पहुंच सके। पीड़ित ने पहले
नेशनल साइबर अपराध पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराई और बाद में साइबर क्राइम थाने
पहुंचकर औपचारिक रिपोर्ट दी। पुलिस अब बैंक खातों, मोबाइल नंबर और ऑनलाइन लेनदेन की
तकनीकी जानकारी के आधार पर आरोपियों की पहचान करने और उनकी गिरफ्तारी के लिए
लगातार प्रयास कर रही है।