गाजियाबाद में कनावनी किसानों का 51वें दिन भी धरना, 2 नवंबर तक समाधान नहीं तो यूपी गेट पर आंदोलन की चेतावनी
गाजियाबाद, इंदिरापुरम क्षेत्र के कनावनी गांव के किसानों का अपनी मांगों को लेकर धरना शनिवार को 51वें दिन भी जारी रहा।
गाजियाबाद, इंदिरापुरम क्षेत्र के कनावनी गांव के किसानों का अपनी
मांगों को लेकर धरना शनिवार को 51वें दिन भी जारी रहा। धरना स्थल पर किसानों ने प्रशासन
को 2 नवंबर तक का समय देते हुए कहा कि यदि निर्धारित अवधि में उनकी मांगों का समाधान
नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। किसानों ने घोषणा की कि इसके बाद
कनावनी में चल रहा धरना यूपी गेट पर स्थानांतरित किया जाएगा।
किसानों की मुख्य मांग खतौनी और राजस्व अभिलेखों से हटाए गए उनके पूर्वजों के नाम
दोबारा दर्ज किए जाने की है। किसानों का कहना है कि उनकी जमीन से संबंधित राजस्व
अभिलेखों में पूर्वजों के नाम दर्ज थे, जिन्हें बाद में हटा दिया गया। उनका कहना है कि
न्यायालय द्वारा निर्धारित समय-सीमा में भी समस्या का समाधान नहीं हो सका है।
धरना दे रहे किसानों ने कहा कि वे अब मुआवजे की मांग नहीं कर रहे हैं, बल्कि राजस्व
अभिलेखों में अपने पूर्वजों के नाम बहाल कराने की मांग कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि
उनकी जमीन से जुड़ा यह मामला उनके लिए अधिकार और स्वामित्व से जुड़ा है, इसलिए वे
अपनी मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखेंगे।
किसानों ने स्पष्ट किया कि वे अपनी जमीन बेचने के पक्ष में नहीं हैं और खतौनी में पूर्वजों के
नाम बहाल होने तक आंदोलन जारी रहेगा। किसानों ने प्रशासन को चेतावनी दी कि 2 नवंबर
तक समाधान नहीं होने की स्थिति में धरना यूपी गेट पर शुरू किया जाएगा।
आंदोलन को और व्यापक बनाने के संकेत देते हुए किसानों ने कहा कि जरूरत पड़ने पर
आसपास के गांवों के किसानों को भी आंदोलन से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा उन्होंने विपक्षी
राजनीतिक दलों से भी सहयोग लेने की बात कही है। किसानों का कहना है कि यदि उनकी
मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में आंदोलन का दायरा बढ़ाया जाएगा।
धरना स्थल पर किसान कैलाश नागर, लखीराम शर्मा और सतीश नागर समेत अन्य किसान
मौजूद रहे। किसानों ने एक बार फिर प्रशासन से राजस्व अभिलेखों की जांच कर उनके पूर्वजों के
नाम बहाल करने की मांग की।


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