नोएडा में मनमानी और शोषण करने वाले 22 निजी स्कूलों पर लगेगा जुर्माना, क्या इसकी है वजह
नोएडा, गौतमबुद्धनगर जिला प्रशासन मनमानी और शोषण करने वाले सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड से संबद्ध स्कूलों के खिलाफ सख्त कदम उठाने जा रहा है।
नोएडा, गौतमबुद्धनगर जिला प्रशासन मनमानी और शोषण करने वाले सीबीएसई
और आईसीएसई बोर्ड से संबद्ध स्कूलों के खिलाफ सख्त कदम उठाने जा रहा है। विभाग एनसीईआरटी
की किताबों से पढ़ाई न कराने वाले और मनमानी करने वाले 22 निजी स्कूलों पर जल्द जुर्माना
लगाएगा।
प्रशासन के इस कदम से जहां छात्र-छात्राओं और अभिभावकों काफी प्रसन्न हैं, वहीं स्कूलों का प्रबंधन
काफी सहम गया है। एनसीईआरटी की पुस्तकों को लेकर सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड के स्कूल आंख-
मिचौली खेल रहे हैं। इसको लेकर शासन और प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही थीं। पिछले दिनों
जिला प्रशासन को रिपोर्ट मिली कि स्कूलों में निजी प्रकाशकों की महंगी किताबों से पढ़ाई कराई जा रही
है। स्कूल संचालक निर्धारित पुस्तक विक्रेताओं से ही पुस्तकें खरीदने को मजबूर कर रहे हैं, जबकि
राष्ट्रीय शिक्षा नीति में एनसीईआरटी की पुस्तकों से पढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
जिला प्रशासन भी लगातार स्कूल संचालकों से इन्हीं पुस्तकों से पढ़ाई कराने को कह रहा है। इसके पीछे
तर्क है कि एनसीईआरटी की पुस्तकें सस्ती होने के साथ ही शिक्षा नीति के पाठयक्रम के अनुकूल हैं,
लेकिन जिले के अधिकांश स्कूलों में निजी प्रकाशकों की पुस्तकें खरीदने पर ही जोर दिया जा रहा है।
5 लाख रुपये तक का लगेगा जुर्माना
जांच रिपोर्ट के बाद जिले के ऐसे 22 स्कूल चिह्नित किए हैं, जिनमें शासन-प्रशासन के निर्देशों की
अवहेलना की जा रही थी। इनमें कई नामी स्कूल भी हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक चंद्र शेखर ने बताया
कि चिह्नित स्कूलों में से पांच स्कूलों पर 5-5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके अलावा पांच
स्कूलों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
चेतावनी नोटिस जारी किया जाएगा
शेष स्कूलों से इस कथन के साथ शपथपत्र लिया जाएगा कि वह अब अभिभावकों को निजी प्रकाशकों की
पुस्तकें खरीदने के लिए मजबूर नहीं करेंगे और एनसीईआरटी की पुस्तकों से ही पढ़ाई कराएंगे। शपथपत्र
मिलने के बाद चेतावनी नोटिस जारी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि दोबारा पकड़े जाने पर मान्यता
भी रद्द की जा सकती है। इसको लेकर 30 जुलाई को स्कूल प्रबंधकों के साथ बैठक प्रस्तावित की गई
है।
दो माह पहले आई थीं 45 से अधिक शिकायतें
नए शैक्षणिक सत्र शुरू होने के बाद से जिले के निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ 45 से अधिक
शिकायतें माध्यमिक शिक्षा विभाग के पास आई थीं। अधिकारियों ने सभी स्कूलों को नोटिस जारी कर
जवाब तलब किया था। इसके बावजूद स्कूलों की मनमानी जारी रही। अब जिला प्रशासन सख्त कार्रवाई
करने का मन बना चुका है। कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
पहली बार नियम तोड़ने पर एक लाख जुर्माना
अधिकारियों के मुताबिक पहली बार नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर एक लाख रुपये का
जुर्माना लगाया जाएगा। दूसरी बार वाले स्कूलों पर दो लाख रुपये का जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी।
तीसरी बार उल्लंघन करने वाले स्कूलों के खिलाफ मान्यता या संबद्धता रद्द करने की कार्रवाई की जा
सकती है।


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