त्योहारों से पहले गौतमबुद्धनगर के उद्योगों के लिए बड़ी चेतावनी और राहत की राह, बिना उत्पादन बढ़ाए भारी घाटे की आशंका, IBA की अपील
त्योहारी सीजन की चमक-दमक के बीच गौतमबुद्धनगर के औद्योगिक गलियारे से एक बड़ी और चौंकाने वाली चिंता सामने आई है। ईरान-इज़राइल संघर्ष समेत वैश्विक उथल-पुथल और कच्चे माल की लगातार आसमान छूती कीमतों ने जिले के उद्योगों को गहरे संकट में डाल दिया है।
आसिम खान, ग्रेटर नोएडा
त्योहारी सीजन की चमक-दमक के बीच गौतमबुद्धनगर के औद्योगिक गलियारे से एक बड़ी और चौंकाने वाली चिंता सामने आई है। ईरान-इज़राइल संघर्ष समेत वैश्विक उथल-पुथल और कच्चे माल की लगातार आसमान छूती कीमतों ने जिले के उद्योगों को गहरे संकट में डाल दिया है। स्थिति यह है कि व्यापारियों के पुराने ऑर्डर और पहले से तय कीमतें जस की तस बनी हुई हैं, जिसके कारण लागत में भारी उछाल आने के बावजूद उन्हें तत्काल मूल्य वृद्धि का लाभ नहीं मिल पा रहा है। ऐसे चुनौतीपूर्ण दौर में उद्योगों के सामने अपने अस्तित्व और साख को बचाए रखने की एक बड़ी परीक्षा आन खड़ी हुई है।
त्योहारी सीजन और कर्मचारियों की देनदारियां बनी बड़ी चुनौती
वर्तमान समय में नवरात्रि, दशहरा, दीपावली, गोवर्धन पूजा, भाई दूज और छठ जैसे देश के सबसे बड़े और महत्वपूर्ण पर्व नजदीक हैं। यह पूरा दौर व्यवसाय के लिहाज से साल का सबसे पीक सीजन माना जाता है। एक तरफ जहाँ बाज़ार में उत्पादों की भारी मांग रहने की उम्मीद है, वहीं दूसरी तरफ हर उद्यमी पर अपने कर्मचारियों को समय पर वेतन, बोनस, त्योहारी उपहार और अन्य नियमित खर्चों का भुगतान करने का भारी दबाव है। यदि समय रहते स्थिति को नहीं संभाला गया, तो यह त्योहारी सीजन व्यापारियों के लिए राहत के बजाय आर्थिक तनाव का बड़ा कारण बन सकता है।
उत्पादन रोकने से आ सकती है भयंकर असुविधा
इंडस्ट्रियल बिजनेस एसोसिएशन (IBA) के अध्यक्ष अमित उपाध्याय ने व्यापारियों की इस बड़ी चिंता को रेखांकित करते हुए एक बेहद चौंकाने वाला पहलू सामने रखा है। उन्होंने बताया कि त्योहारों के बाद अमूमन यह देखा जाता है कि बड़ी संख्या में श्रमिक अपने गृह जनपदों से काफी देर से लौटते हैं। इस वजह से फैक्ट्रियों में लेबर की भारी किल्लत हो जाती है, उत्पादन ठप पड़ जाता है और ग्राहकों की सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित होती है। यदि समय पर माल की आपूर्ति नहीं हुई, तो बाजार में वर्षों से बनाई गई व्यापारिक विश्वसनीयता पल भर में धूमिल हो सकती है।
IBA का मास्टर प्लान, रविवार और अवकाश के दिन भी होगा उत्पादन
इस आसन्न संकट से निपटने और व्यापारियों को किसी भी बड़ी असुविधा से बचाने के लिए इंडस्ट्रियल बिजनेस एसोसिएशन (IBA) ने एक बेहद व्यावहारिक और सख्त सुझाव दिया है। एसोसिएशन ने जिले के सभी उद्यमी साथियों से विनम्र अनुरोध किया है कि वे आने वाले रविवार और अन्य उपलब्ध अवकाश के दिनों में भी अपनी फैक्ट्रियों का संचालन जारी रखें। युद्धस्तर पर उत्पादन बढ़ाकर एक मजबूत 'बफर स्टॉक' तैयार करना ही इस समय एकमात्र उपाय है।
राहत भरी बात यह है कि इस मुहिम में प्रशासन और बिजली विभाग भी पूरी तरह सहयोग के लिए तैयार हैं। उद्योग संघ के अनुसार, आगामी रविवार को उद्योगों के सुचारु संचालन हेतु NPCL और UPPCL द्वारा निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। इसके अलावा, श्रम विभाग और जिला प्रशासन भी हरसंभव सहायता के लिए मुस्तैद हैं। यदि किसी भी उद्यमी को प्रशासनिक स्तर पर कोई अड़चन आती है, तो वे सीधे IBA से संपर्क कर सकते हैं।
इस त्योहारी सीजन में थोड़ी सी दूरदर्शिता और अतिरिक्त मेहनत न केवल उद्योगों को भारी वित्तीय नुकसान से बचाएगी, बल्कि ग्राहकों के बीच आपकी साख को भी सर्वोच्च स्तर पर स्थापित करेगी।


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