दिल्ली दंगाः ताहिर हुसैन को लेकर केजरीवाल व मालवीय में नोक- झोंक
नई दिल्ली, बीजेपी आईटी सेल के इंचार्ज अमित मालवीय के साथ आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल की ताहिर हुसैन को लेकर बहस हुई।
नई दिल्ली, बीजेपी आईटी सेल के इंचार्ज अमित मालवीय के साथ आम
आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल की ताहिर हुसैन को लेकर बहस हुई। ताहिर
हुसैन आप पार्टी के निकाले गए नेता हैं, जिन्हें 2020 के दिल्ली दंगों के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो
के कर्मचारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया है। अमित मालवीय ने
सोमवार को एक्स पर ताहिर हुसैन के दोषी ठहराए जाने की खबर शेयर की और उन्हें केजरीवाल
का करीबी सहयोगी बताया। हालांकि, केजरीवाल ने हुसैन से दूरी बना ली और कहा कि पार्टी ने
उन्हें बहुत पहले ही निकाल दिया था।
मालवीय की एक्स पोस्ट के जवाब में केजरीवाल ने लिखा, क्या वह चंदा चोर पार्टी के किसी
सहयोगी संगठन में शामिल नहीं हुए थे। पोस्ट के नीचे कमेंट्स में कहा गया कि केजरीवाल का
इशारा इस बात की ओर था कि हुसैन असदुद्दीन ओवैसी की ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल
मुस्लिमीन में शामिल हो गए थे। इस पार्टी पर मुस्लिम वोटों को बांटकर अप्रत्यक्ष रूप से
बीजेपी और आरएसएस की मदद करने के आरोप लगते रहे हैं।
ताहिर हुसैन ने एआईएमआईएम के टिकट पर 2025 का विधानसभा चुनाव लड़ा। 2025 में
चुनाव प्रचार के दौरान हुसैन ने कहा, मुझ पर उनके भरोसे ने मुझे ताकत दी और
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी साहब ने मेरा साथ दिया। मैं पूरी ताकत से आपके
लिए लड़ूंगा। मुस्तफाबाद के बेटे को फिर से जिताने में मदद करें। उन्होंने लगातार दावा किया है
कि उन्हें इस मामले में फंसाया गया था।
आप ने ताहिर हुसैन से दूरी बनाई
सोमवार को आप पार्टी ने हुसैन से खुद को अलग कर लिया और कहा कि पार्टी से उनकी कोई
संबद्धता नहीं है, क्योंकि 2020 में उत्तर.पूर्वी दिल्ली दंगों के मामले में नाम आने के बाद उन्हें
पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया गया था। इस बीच भाजपा ने भी केजरीवाल
पर नया हमला बोला और उनसे माफी मांगने की मांग की। राजनीति
बीजेपी ने कांग्रेस और आप पर हमला बोला
भाजपा ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा और 2020 के दिल्ली दंगों के लिए उसके नेताओं को
जिम्मेदार ठहराया। भाजपा ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी से बिना शर्त माफी की मांग करते
हुए आरोप लगाया कि मारे गए इंटेलिजेंस ऑफिसर के परिवार के साथ खड़े होने के बजाय
उन्होंने गिद्ध और तुष्टिकरण की राजनीति की। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए भाजपा प्रवक्ता
गौरव भाटिया ने आरोप लगाया, संसद द्वारा नागरिकता संशोधन अधिनियम पारित किए जाने
के बाद, सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने यह दावा करके भ्रम का माहौल बनाया कि इसके
लागू होने से मुसलमानों की नागरिकता चली जाएगी।


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