लॉयड इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी में डीएचआर-आईसीएमआर प्रायोजित पांच दिवसीय कार्यशाला शुरू

लॉयड इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी के डिपार्टमेंट ऑफ़ फार्मेसी, ग्रेटर नोएडा में आज भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आई.सी.एम.आर) के अंतर्गत स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग (डीएचआर) द्वारा प्रायोजित राष्ट्रीय कार्यशाला "हेल्थ टेक्नोलॉजी ट्रांसलेशन, रेगुलेशन एंड इनोवेशन" का शुभारंभ हो गया है।

लॉयड इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी में डीएचआर-आईसीएमआर प्रायोजित पांच दिवसीय कार्यशाला शुरू

आसिम खान, गौतम बुद्ध नगर

लॉयड इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी के डिपार्टमेंट ऑफ़ फार्मेसी, ग्रेटर नोएडा में आज भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आई.सी.एम.आर) के अंतर्गत स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग (डीएचआर) द्वारा प्रायोजित राष्ट्रीय कार्यशाला "हेल्थ टेक्नोलॉजी ट्रांसलेशन, रेगुलेशन एंड इनोवेशन" का शुभारंभ हो गया है। यह पांच दिवसीय कार्यशाला 6 से 10 अक्टूबर तक आयोजित की जा रही है, जिसकी थीम "क्लिनिकल आवश्यकता से चिकित्सा उत्पाद विकास तक की एकीकृत यात्रा" रखी गई है। कार्यक्रम का आयोजन संस्थान की इनोवेशन काउंसिल के सहयोग से मेनफ्रेम, द्वितीय तल, ए-ब्लॉक, लॉयड कैंपस-1 में किया जा रहा है।

स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग (डीएचआर) द्वारा प्रायोजित इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य युवा शोधार्थियों एवं छात्रों को क्लीनिकल आवश्यकता की पहचान से लेकर चिकित्सा उत्पाद के नियामकीय अनुमोदन तक की संपूर्ण प्रक्रिया से अवगत कराना है, ताकि देश में स्वास्थ्य तकनीकी नवाचार को बढ़ावा मिल सके। इस आयोजन की संयोजक लॉयड ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस की ग्रुप डायरेक्टर एवं चीफ स्ट्रैटेजिस्ट प्रो. (डॉ.) वंदना अरोड़ा सेठी हैं, जबकि आयोजन सचिव की भूमिका डॉ. ललित कुमार त्यागी, प्राचार्य, एलआईएमटी (डिपार्टमेंट ऑफ़ फार्मेसी) और प्रोफेसर आरती गुप्ता निभा रहे हैं।

कार्यशाला की पूर्व संध्या पर प्रो. (डॉ.) वंदना अरोड़ा सेठी ने बताया कि देशभर से प्राप्त 177 पंजीकरणों में से कठोर चयन प्रक्रिया के बाद 78 प्रतिभागियों का चयन किया गया है। इसमें देश के 7 से अधिक राज्यों—दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और उत्तर प्रदेश—तथा 25 से अधिक प्रतिष्ठित कॉलेजों एवं विश्वविद्यालयों के प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। भाग लेने वाले प्रमुख संस्थानों में पारुल विश्वविद्यालय वडोदरा, कुमाऊं विश्वविद्यालय नैनीताल, बनस्थली विद्यापीठ राजस्थान, एमिटी विश्वविद्यालय नोएडा, गुरुकुल कांगड़ी हरिद्वार, मौलाना आज़ाद विश्वविद्यालय जोधपुर, बियानी फार्मेसी कॉलेज महाराष्ट्र, मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय गोरखपुर, शारदा विश्वविद्यालय ग्रेटर नोएडा, गलगोटिया विश्वविद्यालय ग्रेटर नोएडा, और आईएफटीएम विश्वविद्यालय मुरादाबाद सहित अन्य संस्थान शामिल हैं।

*कार्यक्रम की विस्तृत अनुसूची:*

दिन-1 (6 अक्टूबर):
उद्घाटन सत्र के बाद प्लेनरी सत्र-1 में आईआईटी मंडी के प्रोफेसर डॉ. अतुल धर ने "अनमेट क्लिनिकल नीड आइडेंटिफिकेशन एवं हेल्थकेयर गैप एनालिसिस" पर व्याख्यान दिया। प्लेनरी सत्र-2 में आईआईटी मंडी के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सत्वशील पोवार ने "डिज़ाइन थिंकिंग फॉर हेल्थ टेक्नोलॉजी एंड ट्रांसलेशन" पर विचार रखे। इसके बाद श्री कार्तिक एन. ने "एप्लाइड डिज़ाइन थिंकिंग एंड एजाइल प्रोटोटाइपिंग इन हेल्थ टेक" पर हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण दिया।

दिन-2 (7 अक्टूबर):
प्लेनरी सत्र-3 में जीआईएमएस ग्रेटर नोएडा के सेंटर फॉर मेडिकल इनोवेशन के सीईओ डॉ. राहुल सिंह "मेडटेक, डिजिटल हेल्थ एवं क्लिनिकल ट्रायल्स में करियर संभावनाएं" विषय पर बोलेंगे। प्लेनरी सत्र-4 में टैकिट मेड टेक के सीईओ विवेक कुमार सिंह "स्टार्टअप्स हेतु मेडिकल डिवाइस रेगुलेटरी स्ट्रैटेजी" पर संबोधन देंगे। अपराह्न में नाइपर रायबरेली के आशीष दिलीप सुतार "क्यूबीडी: रोबस्ट फॉर्मूलेशन एवं प्रोसेस ऑप्टिमाइजेशन" पर प्रशिक्षण देंगे।

दिन-3 (8 अक्टूबर):
प्लेनरी सत्र-5 में शारदा विश्वविद्यालय की डॉ. कविता के. भाटी "बायोमेडिकल साइंसेज में इन-सिलिको टूल्स की प्रगति" पर और प्लेनरी सत्र-6 में प्रो. अशोक कुमार "स्वास्थ्य सेवा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI)" विषय पर प्रकाश डालेंगे। इसके बाद श्री चनमबम मोकाजू मैतेई "हेल्थकेयर एआई मॉडल का नो-कोड दृष्टिकोण" पर हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण कराएंगे।

दिन-4 (9 अक्टूबर):
प्लेनरी सत्र-7 में एमएनआईटी इलाहाबाद के डॉ. पीयूष कुमार गुप्ता "बायोमेडियल रिसर्च के माध्यम से चिकित्सा उत्पादों में नवाचार" पर व्याख्यान देंगे। इसके बाद दो समानांतर बैचों में सुश्री साक्षी सिंह "3डी पोरस बायोमिमेटिक कंपोजिट स्कैफोल्ड" तथा केन्व्यू मुंबई के डॉ. देवेश पांडे "फार्मास्युटिकल रिसर्च में एडवांस्ड एचपीएलसी तकनीक" पर प्रशिक्षण देंगे।

दिन-5 (10 अक्टूबर) — समापन दिवस:
समापन दिवस पर प्लेनरी सत्र-8 में मेड थेरेपी बायोटेक्नोलॉजी के एमडी डॉ. संजय सिंह "सॉलिड ट्यूमर बैरियर एवं नेक्स्ट-जेनरेशन CAR-T थेरेपी", प्लेनरी सत्र-9 में नाइपर रायबरेली के डॉ. राहुल शुक्ला "ब्रेन-टार्गेटेड ड्रग डिलीवरी" और प्लेनरी सत्र-10 में राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज की डॉ. रेशु गुप्ता "सिमुलेशन-आधारित प्री-क्लिनिकल टेस्टिंग" पर व्याख्यान देंगी। इस दौरान डीएचआर की वैज्ञानिक-सी डॉ. गीतांजलि सागीना का विशेष संबोधन होगा। अंत में डॉ. आरती गुप्ता धन्यवाद ज्ञापित करेंगी और प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए जाएंगे। प्रत्येक दिन के सत्र के अंत में मूल्यांकन परीक्षा भी आयोजित की जा रही है।