जेवर में 400 एकड़ में बनेगा रीजनल मेडिकल हब, विश्वस्तरीय इलाज और मेडिकल रिसर्च का बनेगा केंद्र
यमुना सिटी । जेवर में प्रस्तावित रीजनल मेडिकल हब को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं।
यमुना सिटी । जेवर में प्रस्तावित रीजनल मेडिकल हब को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। 7 अगस्त 2026 को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में परियोजना की प्रारंभिक परियोजना रिपोर्ट (पीपीआर) पर विस्तार से चर्चा की गई। अब यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए करीब 400 एकड़ उपयुक्त भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
मेडिसिटी की अवधारणा पर होगा विकास
रीजनल मेडिकल हब को ‘मेडिसिटी’ की अवधारणा पर विकसित करने की योजना है। इसके तहत एक ही परिसर में विभिन्न उच्च मांग वाली विशिष्ट चिकित्सा सेवाओं से जुड़े अस्पताल और संस्थान विकसित किए जाएंगे। परियोजना में सिंगल स्पेशियलिटी अस्पतालों के साथ अत्याधुनिक चिकित्सा एवं शोध सुविधाओं को एकीकृत करने की परिकल्पना की गई है।
मेडिकल हब में क्लिनिकल रिसर्च एवं ट्रायल हब, डिजिटल हेल्थ हब, बायोटेक एवं फार्मा ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) तथा स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए सेंटर फॉर हेल्दी एजिंग विकसित किए जाने की योजना है।
नर्सिंग और मेडिकल प्रशिक्षण की भी होगी सुविधा
परियोजना में नर्सिंग सहित विभिन्न चिकित्सा संवर्गों के लिए उच्च विशेषज्ञता वाली प्रशिक्षण सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। इससे चिकित्सा क्षेत्र के लिए प्रशिक्षित और विशेषज्ञ मानव संसाधन तैयार करने में मदद मिलेगी।
सरकार की योजना इस मेडिकल हब को केवल इलाज तक सीमित रखने की नहीं है, बल्कि इसे मेडिकल रिसर्च, प्रशिक्षण और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े उद्योगों के लिए एक बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की है।
देश-विदेश से आएंगे मरीज
प्रस्तावित रीजनल मेडिकल हब का उद्देश्य स्थानीय और देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले मरीजों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय मरीजों को भी गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना है। इसके साथ क्लिनिकल रिसर्च को बढ़ावा देने और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े उद्योगों के साथ मजबूत लिंकेज स्थापित करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
विश्व बैंक से 3,000 करोड़ की वित्तीय सहायता पर विचार
परियोजना को बड़े स्तर पर विकसित करने के लिए वित्तीय संसाधन जुटाने की दिशा में भी कदम बढ़ाए जा रहे हैं। बैठक में प्रारंभिक परियोजना रिपोर्ट को भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के आर्थिक कार्य विभाग को भेजने तथा विश्व बैंक से 3,000 करोड़ रुपये की आईबीआरडी वित्तीय सहायता प्राप्त करने के प्रस्ताव पर विचार किया गया।
सेक्टर-13 में 400 एकड़ भूमि की तलाश
रीजनल मेडिकल हब की स्थापना और विकास के लिए करीब 400 एकड़ उपयुक्त भूमि उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है। इसके लिए यीडा क्षेत्र के सेक्टर-13 अथवा किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पर जोर दिया जा रहा है।
जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के विकास के साथ स्वास्थ्य क्षेत्र में इस तरह की बड़ी परियोजना को क्षेत्र के भविष्य के लिहाज से अहम माना जा रहा है। मेडिकल हब के विकसित होने से जेवर और यमुना क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ मेडिकल शिक्षा, रिसर्च, फार्मा और बायोटेक क्षेत्र में निवेश एवं रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।


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