द्रोण मेले में कुश्ती का रोमांच, झूलों और कवि सम्मेलन ने बांधा समां

दनकौर, श्री द्रोणाचार्य मंदिर परिसर में बृहस्पतिवार से शुरू हुए ऐतिहासिक द्रोण मेले में रविवार को लोगों ने कुश्ती, कवि सम्मेलन और झूलों का आनंद लिया।

द्रोण मेले में कुश्ती का रोमांच, झूलों और कवि सम्मेलन ने बांधा समां

दनकौर,  श्री द्रोणाचार्य मंदिर परिसर में बृहस्पतिवार से शुरू हुए ऐतिहासिक द्रोण मेले में रविवार को लोगों ने कुश्ती, कवि सम्मेलन और झूलों का आनंद लिया।मेला परिसर में लगे व्यंजनों का स्वाद चखा और मीना बाजार में खरीदारी की।महाभारत कालीन श्री द्रोणाचार्य मंदिर परिसर में 10 दिवसीय मेला और तीन दिवसीय कुश्तीदंगल का आयोजन किया जा रहा है। रविवार को कुश्ती दंगल में अखाड़े में छोटे पहलवानों नेदमखम दिखाया।

 कृष्ण जन्मोत्सव मनाने से शुरू होने वाले इस द्रोण अखाड़े में देशभर के पहलवानों के साथ ईरानी पहलवान भी कुश्ती लड़ते नजर आएंगे।द्रोण नाट्य मंच पर बने पारसी थिएटर में स्थानीय कलाकारों की ओर से वीर हकीकत राय जैसेनाटकों का मंचन किया जाएगा। यहां कवि सम्मेलन भी आयोजित होगा। दो दिन रागनीकार्यक्रम होगा। स्कूली बच्चों की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे। सबसे बड़ीकुश्ती में पहलवान लंगर घुमाकर लड़ेंगे।

विजेता पहलवान को लाखों रुपये देकर सम्मानित किया जाएगा। इस मेले और कुश्ती को देखने के लिए हर बार कई जिलों से लोग आते हैं।