पुणे के मोशी हादसे में 9 लोगों की मौत, मृतकों के परिजनों को 40 लाख रुपये की आर्थिक मदद

पुणे जिले के मोशी इलाके में तीन मंजिला बिल्डिंग गिर जाने से हुए हादसे में 83 घंटे का रेस्क्यू ऑपरेशन रविवार को पूरा हो गया है।

पुणे के मोशी हादसे में 9 लोगों की मौत, मृतकों के परिजनों को 40 लाख रुपये की आर्थिक मदद

तीन मंजिला बिल्डिंग गिर जाने से हुए हादसे में 83 घंटे का रेस्क्यू ऑपरेशन

पुणे जिले के मोशी इलाके में तीन मंजिला बिल्डिंग गिर जाने से हुए हादसे में 83 घंटे का रेस्क्यू ऑपरेशन रविवार को पूरा हो गया है। आज सुबह तक नौ कर्मचारियों के शवबरामद कर पोस्टमार्टम के लिए शासकीय अस्पताल में भेज दिए गए हैं। हादसे में कुल 9 लोगों को बचालिया गया है। इस घटना में मृतक कर्मचारियों के परिजनों को राज्य सरकार की ओर से 40 लाख रुपयेकी मदद घोषित की गई है।पिंपरी-चिंचवड़ के मोशी में ;वेस्ट टू एनर्जी प्रोजेक्ट में ८ जुलाई को करीब दो बजे जमा किए गए कचरेके ढेर के पास तीन मंजिला एडमिनिस्ट्रेटिव बिल्डिंग ढह गई थी।

 हादसे के समय बिल्डिंग में कुल २३कर्मचारी कार्यरत थे, लेकिन हादसे की भनक लगते ही पांच कर्मचारी भाग कर बिल्डिंग से निकल गएथे, जबकि १८ कर्मचारी घटनास्थल पर बिल्डिंग के मलबे में अटक गए थे। इस घटना की सूचना मिलनेपर पिंपरी नगर निगम की टीम, नेशनल डिज़ास्टर रिस्पॉन्स फ़ोर्स (एनडीआरएफ), स्टेट डिजास्टररिस्पॉन्स फोर्स (एसडीआरएफ) की टीम, भारतीय सेना की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। घटनास्थल परकरीब 83 घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद रविवार को सुबह तक नौ कर्मचारियों के शव बाहर निकालेगए। इस दौरान कुल नौ लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इन सभी को नजदीकी अस्पताल में भर्तीकरवाया गया है, इनमें से सभी की स्थिति स्थिर बताई जा रही है।


पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम के आयुक्त डॉ. विजय सूर्यवंशी ने रविवार को मीडिया को बताया किघटनास्थल पर करीब 83 घंटे बाद तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन आखिरकार आज सुबह पूरा हो गया है औरइस हादसे में नौ कर्मचारियों की मौत हुई है। यह ऑपरेशन बड़ी मात्रा में मशीनरी, डॉग स्क्वॉड, लाइवडिटेक्टर, साउंड डिटेक्टर के साथ-साथ पोकलेन और डंपर की मदद से पूरा किया गया है। मौके पर फंसेकर्मचारियों को ढूंढने के लिए मॉडर्न इक्विपमेंट का इस्तेमाल किया गया।

बिल्डिंग के कंक्रीट वाले हिस्सेको तोडक़र अंदर पहुंचने के लिए एक स्पेशल ऑपरेशन शुरू किया गया।उन्होंने बताया कि पूरे ऑपरेशन में करीब 90 लोगों ने हिस्सा लिया। हालांकि, सभी लापता लोगों कोजिंदा बाहर निकालने की कोशिशें आखिरकार नाकाम रहीं। इस हादसे में कई परिवारों ने अपने प्रियजनोंको खो दिया है और इलाके में दुख फैल गया है। मुंबई नगर निगम की टीम की पूरी संवेदना मृतकपरिवारों के साथ हैं। आयुक्त विजय सूर्यवंशी ने कहा कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की जा रहीहै।

 मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, उस कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने बताया कि मृत कर्मचारियों के परिजनों को राज्य सरकार की ओर से ४० लाख रुपये की मददघोषित की गई है। इनमें प्रत्येक ५ लाख रुपये राज्य सरकार की ओर से, २५ लाख रुपये वेस्ट-टू-एनर्जीकंपनी की ओर से और १० लाख रुपये पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम की ओर से घोषित की गई है। साथही मृत परिवार के एक व्यक्ति को नौकरी की भी घोषणा वेस्ट-टू-एनर्जी कंपनी की ओर से की गई है।