निर्जला एकादशी पर सेवा और श्रद्धा का संगम, जिलेभर में लगीं मीठे पानी की छबीलें

निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर जिलेभर में धार्मिक आस्था, मानव सेवा और सामाजिक सद्भाव का अद्भुत संगम देखने को मिला।

निर्जला एकादशी पर सेवा और श्रद्धा का संगम, जिलेभर में लगीं मीठे पानी की छबीलें

निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर जिलेभर में धार्मिक आस्था, मानव सेवा और सामाजिक सद्भाव का अद्भुत संगम देखने को मिला।

निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर जिलेभर मेंधार्मिक आस्था, मानव सेवा और सामाजिक सद्भाव का अद्भुत संगम देखने को मिला। कैथल, पूंडरी कलायत, गुहला-चीका तथा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न धार्मिक, सामाजिक एवं समाजसेवीसंस्थाओं द्वारा जगह-जगह मीठे पानी की छबीलें लगाकर राहगीरों, वाहन चालकों और आम नागरिकोंको शीतल जल पिलाया गया।

भीषण गर्मी के बीच आयोजित इन सेवा शिविरों में लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कई स्थानों परश्रद्धालुओं को ठंडा मीठा पानी, शर्बत, कोल्ड ड्रिंक, तरबूज, खरबूजा, आम तथा अन्य मौसमी फलों कावितरण किया गया। सेवा कार्यों में युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों ने उत्साहपूर्वक सहयोग करते हुएमानव सेवा का संदेश दिया।शहर के प्रमुख चौकों, बाजारों, बस स्टैंडों और सार्वजनिक स्थलों पर सुबह से ही छबीलों का आयोजनशुरू हो गया था, जो देर शाम तक चलता रहा। राह चलते लोगों ने इस पुनीत कार्य की सराहना करतेहुए आयोजकों का आभार व्यक्त किया। 

कई स्थानों पर धार्मिक भजन-कीर्तन और सत्संग का भीआयोजन किया गया, जिससे वातावरण भक्तिमय बना रहा।समाजसेवी संस्थाओं के पदाधिकारियों ने कहा कि निर्जला एकादशी केवल धार्मिक आस्था का पर्व हीनहीं, बल्कि जरूरतमंदों और राहगीरों की सेवा करने का भी अवसर है। उन्होंने कहा कि जल सेवा कोभारतीय संस्कृति में सबसे बड़ा पुण्य कार्य माना गया है और इसी भावना से प्रत्येक वर्ष छबीलों काआयोजन किया जाता है।जिले के विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित इन सेवा शिविरों ने सामाजिक एकता, भाईचारे और मानवता कासंदेश दिया।

 श्रद्धालुओं एवं सामाजिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी से निर्जला एकादशी का पर्व पूरेजिले में श्रद्धा और सेवा भाव के साथ मनाया गया।