मेरठ रोड पर कांवड़ शिविर तैयार, जल लेकर आने लगे कांवड़ियां

गाजियाबाद, मेरठ रोड पर कांवड़ शिविर जगह-जगह तैयार हो गए हैं। हरिद्वार से कांवड़ियां जल लेकर आने लगे हैं।

मेरठ रोड पर कांवड़ शिविर तैयार, जल लेकर आने लगे कांवड़ियां

गाजियाबाद,  मेरठ रोड पर कांवड़ शिविर जगह-जगह तैयार हो गए हैं। हरिद्वार से कांवड़ियां जल लेकर आने लगे हैं। भगवान आशुतोष के जयकारों के साथ कांवड़ियां गंतव्य की तरफबढ़ रहे हैं। शुक्रवार से जीटी रोड और मेरठ रोड पर कांवड़ियों की संख्या बढ़ने लगेगी। गंगनहर पटरीऔर पाइप लाइन मार्ग पर हरिद्वार से कांवड़ लाने वालों की संख्या रोजाना बढ़ रही है। मेरठ रोड पर भी
कावड़ियां जल लेकर आ रहे हैं। मेरठ रोड, गंगनहर पटरी और पाइप लाइन मार्ग केसरिया रंग में रंगनेलगे हैं। जनपद से हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान की तरफ जाने वाले कांवड़ियां निकल रहे हैं।कांवड़ियों की भक्तिभगवान भोले के जयकारों के साथ कांवड़ियां आगे बढ़ रहे हैं।

 इस तरह मेरठ रोड शिव की भक्ति में तब्दील होने लगी है। कांवड़ियों के विश्राम और प्रसाद के लिए जगह-जगह शिविर लगा गए हैं। कांवड़ियांसुविधा के हिसाब से शिविर में ठहरकर आराम कर रहे हैं। अंबिका सेवा समिति ने मेरठ रोड पटेलनगरमें कांवड़ शिविर का उद्घाटन किया। इसके अलावा मोदीनगर, मुरादनगर, दुहाई आदि स्थानों पर कांवड़शिविर लग गए हैं। शुक्रवार से हरिद्वार से आने वाले कांवड़ियों की संख्या में इजाफा होने लगेगा。नगर निगम का शिविरनगर निगम का कांवड़ शिविर बुधवार से साईं उपवन में शुरू हो गया। महापौर सुनीता दयाल और नगरआयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने कांवड़ यात्रियों को प्रसाद वितरण कर सात दिवसीय शिविर काशुभारंभ किया।

शिविर में 24 घंटे भोजन और विश्राम की व्यवस्था रहेगी। महापौर और नगर आयुक्त ने कांवड़ शिविर के शुभारंभ से पहले भगवान शंकर महादेव का जलाभिषेक किया। निगम ने अपना कांवड़शिविर पूरी तरह प्लास्टिक मुक्त रखा है जिसमें स्टील के बर्तनों का इस्तेमाल किया जा रहा है।श्रद्धालुओं से भी कांवड़ शिविर को प्लास्टिक मुक्त बनाए रखने की अपील की है। महापौर और नगर
आयुक्त ने बताया निगम शहर में जहां कांवड़ यात्रियों के लिए बेहतर व्यवस्था कर रहा है वही लाखों कीसंख्या में पधारने वाले कांवड़ यात्रियों के लिए शिविर लग रहा है।

 निगम के शिविर में 11 अगस्त तक24 घंटे व्यवस्थाएं रहेगी। साफ सफाई की व्यवस्था, शौचालय की व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था, विश्राम कीव्यवस्था और भोजन की व्यवस्था साईं उपवन में की है।