कांवड़ रूट डायवर्जन के बीच गाजियाबाद की सड़कें जाम से बेहाल, घंटों रेंगते रहे वाहन, यातायात व्यवस्था पर उठे सवाल
गाजियाबाद, सावन माह में जारी कांवड़ यात्रा के चलते गाजियाबाद में लागू किए गए ट्रैफिक डायवर्जन का असर अब शहर की सामान्य यातायात व्यवस्था पर साफ दिखाई देने लगा है।
गाजियाबाद, सावन माह में जारी कांवड़ यात्रा के चलते गाजियाबाद में
लागू किए गए ट्रैफिक डायवर्जन का असर अब शहर की सामान्य यातायात व्यवस्था पर साफ
दिखाई देने लगा है। कांवड़ियों की सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से
प्रशासन द्वारा कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रतिबंध और डायवर्जन लागू किए गए हैं, लेकिन
इसका खामियाजा आम नागरिकों को भारी जाम के रूप में भुगतना पड़ रहा है। मंगलवार को
शहर के कई प्रमुख मार्गों पर वाहन घंटों तक रेंगते रहे और लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ा।
दिल्ली-मेरठ रोड, एनएच-9, मोहन नगर चौराहा, मेरठ तिराहा, राजनगर एक्सटेंशन, हिंडन क्षेत्र
और अन्य व्यस्त मार्गों पर सुबह से ही वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। कई स्थानों पर
कार, बस, ऑटो और दोपहिया वाहन धीमी गति से आगे बढ़ते रहे। दफ्तर जाने वाले कर्मचारी,
स्कूल जाने वाले बच्चों के अभिभावक, व्यापारी और रोजमर्रा के काम से निकलने वाले लोगों को
सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कांवड़ यात्रा के दौरान ट्रैफिक डायवर्जन आवश्यक है, लेकिन
जिन वैकल्पिक मार्गों पर यातायात मोड़ा गया है, वहां पर्याप्त ट्रैफिक प्रबंधन नहीं होने के कारण
दबाव कई गुना बढ़ गया है। कई चौराहों पर लंबी दूरी तक जाम लगने से लोगों को अपने
गंतव्य तक पहुंचने में सामान्य दिनों की तुलना में काफी अधिक समय लगा।
यात्रियों का कहना है कि कई स्थानों पर ट्रैफिक पुलिस की मौजूदगी होने के बावजूद वाहनों का
दबाव इतना अधिक था कि स्थिति को नियंत्रित करना चुनौतीपूर्ण हो गया। कुछ जगहों पर
वाहन चालक बिना जानकारी के प्रतिबंधित मार्गों की ओर पहुंच गए, जिससे भी अव्यवस्था बढ़ी।
लोगों का कहना है कि यदि वैकल्पिक मार्गों पर पहले से बेहतर योजना और स्पष्ट संकेतक
लगाए जाते तो जाम की समस्या काफी हद तक कम हो सकती थी।
पुलिस और प्रशासन का कहना है कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च
प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से चरणबद्ध तरीके से ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया है और
प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। अधिकारियों के अनुसार यातायात
व्यवस्था को लगातार मॉनिटर किया जा रहा है और आवश्यकता के अनुसार बदलाव भी किए
जा रहे हैं ताकि आम लोगों को कम से कम असुविधा हो।
हाल के दिनों में जाम के कारण एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन सेवाओं के प्रभावित होने की
खबरें भी सामने आई हैं, जिससे ट्रैफिक प्रबंधन को लेकर सवाल उठने लगे हैं। नागरिकों का
कहना है कि धार्मिक आयोजन की गरिमा बनाए रखते हुए आम लोगों की आवाजाही को भी
सुचारु रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि कांवड़ यात्रा के दौरान घर से निकलने से पहले ट्रैफिक
एडवाइजरी का पालन करें, वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें और अनावश्यक यात्रा से बचें।
अधिकारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में कांवड़ यात्रा अपने चरम पर पहुंचेगी, ऐसे में
यातायात का दबाव और बढ़ सकता है। इसलिए लोगों से सहयोग और धैर्य बनाए रखने की भी
अपील की गई है।


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