इमरजेंसी में ट्रॉली ट्रांसफार्मर से मिलेगी बिजली, नोएडा को मिले 10 मोबाइल ट्रांसफार्मर

नोएडा, जिले में बिजली आपूर्ति को निर्बाध बनाए रखने के लिए विद्युत निगम नेनई व्यवस्था शुरू की है। अब किसी ट्रांसफार्मर के जलने की स्थिति में उपभोक्ताओं को लंबे समय तकबिजली कटौती का सामना नहीं करना पड़ेगा।

इमरजेंसी में ट्रॉली ट्रांसफार्मर से मिलेगी बिजली, नोएडा को मिले 10 मोबाइल ट्रांसफार्मर

नोएडा,  जिले में बिजली आपूर्ति को निर्बाध बनाए रखने के लिए विद्युत निगम नेनई व्यवस्था शुरू की है। 

नोएडा, । जिले में बिजली आपूर्ति को निर्बाध बनाए रखने के लिए विद्युत निगम नेनई व्यवस्था शुरू की है। अब किसी ट्रांसफार्मर के जलने की स्थिति में उपभोक्ताओं को लंबे समय तकबिजली कटौती का सामना नहीं करना पड़ेगा। इसके लिए जिले को 10 ट्रॉली ट्रांसफार्मर उपलब्ध कराएगए हैं, जिन्हें विभिन्न बिजली उपकेंद्रों पर तैनात किया गया है।विद्युत निगम के अधिकारियों के अनुसार, सभी ट्रॉली ट्रांसफार्मर 400 केवी क्षमता के हैं। इन्हें नोएडा,जेवर, दादरी और दनकौर क्षेत्र के प्रमुख बिजली उपकेंद्रों पर रखा गया है, ताकि आवश्यकता पड़ने परतत्काल इनका उपयोग किया जा सके।

अधिकारियों ने बताया कि गर्मियों के मौसम में ट्रांसफार्मरों पर भार बढ़ने के कारण उनके जलने कीघटनाएं अधिक होती हैं। औसतन प्रत्येक सप्ताह चार से पांच ट्रांसफार्मर जलने के मामले सामने आते हैं।सामान्य स्थिति में एक ट्रांसफार्मर को बदलने में दो से तीन घंटे का समय लगता है, जबकि कई बारयह प्रक्रिया पांच से छह घंटे तक भी खिंच जाती है। इस दौरान उपभोक्ताओं को बिजली कटौती कासामना करना पड़ता है।विद्युत निगम का कहना है कि अब ट्रांसफार्मर खराब होने पर ट्रॉली ट्रांसफार्मर की सहायता से तत्कालबिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। इसके बाद खराब ट्रांसफार्मर को बदलने की प्रक्रिया पूरी की
जाएगी। इससे उपभोक्ताओं को लंबे समय तक बिजली कटौती से राहत मिलेगी।


अधिकारियों के अनुसार, जिले में वर्तमान में लगभग 25 हजार छोटे-बड़े ट्रांसफार्मर स्थापित हैं। इनमेंकरीब 10 हजार ट्रांसफार्मर शहरी क्षेत्रों में तथा 15 हजार ट्रांसफार्मर ग्रेटर नोएडा और ग्रामीण क्षेत्रों मेंलगाए गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में 16 और 25 केवी क्षमता के ट्रांसफार्मर कृषि नलकूपों केलिए उपयोग में लाए जाते हैं।विशेषज्ञों के अनुसार, ट्रांसफार्मर खराब होने के प्रमुख कारणों में अत्यधिक भार, अर्थिंग व्यवस्था मेंकमी, भार संतुलन में गड़बड़ी तथा सुरक्षा तंत्र में खामियां शामिल हैं। वर्तमान में विद्युत निगम के 200से अधिक ट्रांसफार्मर अत्यधिक भार की स्थिति में कार्य कर रहे हैं, जिससे गर्मी बढ़ने के साथ उनकेखराब होने की आशंका भी बढ़ जाती है।

अधीक्षण अभियंता विवेक कुमार पटेल ने बताया कि जिले के सभी क्षेत्रों की आवश्यकता को ध्यान मेंरखते हुए ट्रॉली ट्रांसफार्मरों की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि ट्रांसफार्मर खराब होने की स्थिति मेंइनकी सहायता से तुरंत बिजली आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी, जिससे उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजलीउपलब्ध कराई जा सकेगी।