करोल बाग में चार मंजिला इमारत में भीषण आग, जान बचाने के लिए छात्रा ने चौथी मंजिल से लगाई छलांग

मध्य दिल्ली के करोल बाग इलाके में बुधवार सुबह एक चार मंजिला इमारत में आग लग गई। इमारत में जूतों के गोदाम के साथ चौथी मंजिल पर छात्राओं का पीजी था। आग लगने पर पीजी में दो छात्राएं फंस गईं।

करोल बाग में चार मंजिला इमारत में भीषण आग, जान बचाने के लिए छात्रा ने चौथी मंजिल से लगाई छलांग

दिल्ली के करोल बाग इलाके में बुधवार सुबह एक चार
मंजिला इमारत में आग लग गई। इमारत में जूतों के गोदाम के साथ चौथी मंजिल पर छात्राओं

का पीजी था। आग लगने पर पीजी में दो छात्राएं फंस गईं। आग बढ़ने पर दोनों छात्राओं ने
कूदकर जान बचाई। चौथी मंजिल से कूदने के दौरान एक छात्रा गंभीर रूप से घायल हो गईं।
उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है। सूचना पर पुलिस व दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंची
और आग पर काबू पाया। पुलिस प्रथमदृष्टया शॉर्ट सर्किट से आग लगना मान रही है।
मध्य जिला पुलिस उपायुक्त रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि बुधवार सुबह करीब 10.58 बजे
कंट्रोल रूम को खबर मिली कि चना मार्केट की चार मंजिला इमारत में आग लग गई है। सूचना
मिलते ही दमकल विभाग के अलावा पुलिस की टीमें मौके पर पहुंची। यहां करीब 161 गज की
इमारत में बेसमेंट के अलावा ऊपर चार मंजिल बनी हुई है।
बेसमेंट, पहली, दूसरी और तीसरी मंजिल पर जूतों का गोदाम बना हुआ है। वहीं चौथी मंजिल
पर छात्राओं के लिए पीजी बना हुआ है। बुधवार को यहां जयपुर, राजस्थान निवासी विप्रा आर्या
और ग्वालियर, एमपी निवासी नमृता यादव मौजूद थीं। इस बीच दूसरी मंजिल से लगी आग,
तीसरी मंजिल पर पहुंच गई।
नीचे मौजूद लोगों ने शोर मचाना शुरू किया तो दोनों छात्राएं सतर्क हुईं। तब तक धुआं इनकी
इमारत में भरने लगा। विप्रा आर्या (22) ने जान बचाने के लिए चौथी मंजिल से गली में छलांग
लगा दी। गनीमत रही कि वह तारों से उलझती हुई गिरीं, जिससे उनकी जान बच गई। उन्हें
गंभीर हालत में गंगाराम अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, नमृता यादव (19) ने बराबर
वाली बिल्डिंग की छत पर कूदकर अपनी जान बचाई।
उधर, दमकल टीम ने पहुंचते ही बिल्डिंग खाली कराया और 14 फायर टेंडरों की मदद से आग
को दोपहर तक काबू किया। क्राइम टीम व एफएसएल ने साक्ष्य जुटाए हैं। बिल्डिंग मालिक से
पूछताछ की जा रही है। रेस्क्यू के दौरान आसपास की इमारतें खाली करवाई गईं। पुलिस
प्रथमदृष्टया शॉर्ट सर्किट से आग लगने की संभावना जता रही है। हालांकि जांच जारी है।
छत पर लगा था ताला, फंसी दोनों छात्राएं...
इमारत में आग लगते ही चौथी मंजिल पर धुआं भरना शुरू हो गया। विप्रा और नमृता ने देखा
वह जान बचाने के लिए जीने के रास्ते छत की ओर भागीं, लेकिन वहां पर ताला लगा था। दोनों
वापस अपनी फ्लोर पर पहुंची। सामने की ओर इमारत में कोई बालकनी मौजूद नहीं थी। पीछे
की ओर मौजूद बालकनी को भी जाल जाल लगाकर पैक किया हुआ था।

दोनों छात्राओं ने सूझबूझ का परिचय दिया। पीछे जाल को एक जगह से प्लास्टिक की शीट
लगाकर बंद किया हुआ था। किसी तरह छात्राओं ने वह शीट हटाकर वहां से बचने का रास्ता
ढूंढा। विप्रा तो यहां से निकलकर गली में कूद गई जबकि नमृता बराबर वाली इमारत में सुरक्षित
बच गई। पुलिस अधिकारी ने बताया कि विप्रा के शरीर में फ्रैक्चर है, लेकिन वह खतरे से बाहर
है।