DTC स्टाफ की हड़ताल के बीच दिल्ली पुलिस का ऐक्शन, बसों में तोड़फोड़ के आरोप में 12 लोग गिरफ्तार
डीटीसी के अस्थायी कर्मचारियों की हड़ताल के बीच दिल्ली पुलिस का बड़ा ऐक्शन देखने को मिला है। पुलिस ने कंझावला में डीटीसी बसों में तोड़फोड़ कर नुकसान पहुंचानेके मामले में एफआईआर दर्ज कर अब तक 12 लोगों को गिरफ्तार किया है।
नई दिल्ली,डीटीसी के अस्थायी कर्मचारियों की हड़ताल के बीच दिल्ली पुलिस का बड़ा ऐक्शन देखने को मिला है। पुलिस ने कंझावला में डीटीसी बसों में तोड़फोड़ कर नुकसान पहुंचानेके मामले में एफआईआर दर्ज कर अब तक 12 लोगों को गिरफ्तार किया है।राजधानी में दिल्ली परिवहन निगम (DTC) के अस्थायी कर्मचारियों की हड़ताल के दौरान पिछले दोदिनों में कंझावला में डीटीसी बसों में तोड़फोड़ करने और नुकसान पहुंचाने की घटनाओं के मामले में 12
लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों में से तीन की पहचानइन हमलों की साजिश रचने और लोगों को उकसाने वालों के तौर पर की गई है।पुलिस ने बताया कि कंझावला थाने में आईं कई पीसीआर कॉल में बताया गया था कि हड़ताल के दौरानअलग-अलग जगहों पर डीटीसी बसों के शीशे तोड़े गए हैं और बसों को नुकसान पहुंचाया गया है।
पुलिसने बताया कि शुरू में 9 लोगों की पहचान की गई और उनके खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता(BNSS) के प्रावधानों के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।इन धाराओं में दर्ज की गई एफआईआरइसके बाद, डिपो मैनेजर की शिकायत पर कंझावला थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा
324(5) (शरारत/नुकसान पहुंचाना) और 125 (इंसानी जान को खतरे में डालना) और दिल्ली प्रिवेंशनऑफ डिफेसमेंट ऑफ प्रॉपर्टी एक्ट की धारा 3 के तहत मामला दर्ज किया गया।इन 3 लोगों पर साजिश और उसकाने का आरोपपुलिस ने बताया कि इसके बाद तीन और लोगों की पहचान की गई, जिन्हें उन्होंने तोड़फोड़ की योजनाबनाने और लोगों को उकसाने वाला बताया गया। एक अधिकारी ने बताया कि विक्की (27), भरत (28)और अमित (38) नाम के इन तीनों लोगों को इसी मामले में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अब उनदूसरे लोगों की भूमिका की भी जांच कर रहे हैं, जो इन घटनाओं में शामिल हो सकते हैं। यह घटनाक्रमबस हड़ताल के बीच हुआ है, जिसके दौरान पब्लिक ट्रांसपोर्ट की गाड़ियों को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं के कारण अलग-अलग जगहों पर पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ी है।
डीटीसी स्टाफ की क्या मांगें
डीटीसी के अस्थायी ड्राइवर और कंडक्टर 2 हजार रुपये दिहाड़ी, मेडिकल सुविधाएं, सालाना और त्योहारों पर बोनस, सरकारी छुट्टियों का पेमेंट, इंश्योरेंस और दूसरे भत्ते पाने की मांग को लेकर हड़ताल पर चलरहे हैं। डीटीसी के स्टाफ ने सड़क हादसों और बसों को नुकसान पहुंचने पर अपनी सैलरी से पैसे काटे
जाने को लेकर भी चिंता जताई थी। ड्राइवरों और कंडक्टरों का कहना है कि उन्हें हर दिन 862 रुपये मिलते हैं, जिसमें से 60 रुपये प्रोविडेंट फंड में कट जाते हैं और बाकी रकम उन्हें मिलती है।बता दें कि, दिल्ली सरकार के आश्वासन के बावजूद चालकों ने अपना विरोध-प्रदर्शन जारी रखा, जिससे रोजाना बसों में सफर करने वाले यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।


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