राजकीय ज़िला संयुक्त चिकित्सालय, नोएडा में फायर मॉक ड्रिल का आयोजन

नोएडा।राजकीय ज़िला संयुक्त चिकित्सालय में गुरुवार को मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अशोक कुमार झा की अध्यक्षता में अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूकता एवं आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से फायर मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया।

राजकीय ज़िला संयुक्त चिकित्सालय, नोएडा में फायर मॉक ड्रिल का आयोजन

नोएडा।राजकीय ज़िला संयुक्त चिकित्सालय में गुरुवार को मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अशोक कुमार झा की अध्यक्षता में अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूकता एवं आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से फायर मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया।मॉक ड्रिल के दौरान अस्पताल के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अग्नि सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई तथा आग लगने की स्थिति में अपनाई जाने वाली आवश्यक सावधानियों एवं बचाव उपायों के बारे में विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया।

इस अवसर पर एशियाई फायर सर्विसेज के फायर प्रबंधक श्री विवेक तोमर द्वारा अस्पताल के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को विभिन्न प्रकार के अग्निशामक यंत्रों के प्रकार, उनकी कार्यप्रणाली तथा आपातकालीन स्थिति में उनके सुरक्षित एवं प्रभावी संचालन की व्यावहारिक जानकारी दी गई। साथ ही अस्पताल में स्थापित अग्नि सुरक्षा प्रणाली के विभिन्न घटकों जैसे फायर अलार्म, स्मोक डिटेक्टर, फायर होज, मैन्युअल फायर अलार्म आदि के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए पूरी अग्नि सुरक्षा प्रणाली की कार्यप्रणाली को समझाया गया।

प्रशिक्षण के दौरान आग लगने की स्थिति में कर्मचारियों द्वारा की जाने वाली त्वरित कार्रवाई, अग्निशामक यंत्र के उचित चयन एवं संचालन तथा अस्पताल में मरीजों एवं स्टाफ की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक सावधानियों का भी प्रदर्शन किया गया।मॉक ड्रिल के दौरान डॉ. असद महमूद, चिकित्साधिकारी द्वारा अग्निशामक यंत्र का स्वयं संचालन करते हुए कृत्रिम रूप से प्रदर्शित आग को बुझाने का व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया। इस दौरान उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने अग्निशामक यंत्र के संचालन की प्रक्रिया को प्रत्यक्ष रूप से समझा एवं उसका अभ्यास किया।

मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अशोक कुमार झा ने कहा कि अस्पताल जैसे संवेदनशील संस्थान में अग्नि सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। इस प्रकार की मॉक ड्रिल एवं नियमित प्रशिक्षण से कर्मचारियों में आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की क्षमता बढ़ती है तथा किसी भी आकस्मिक घटना के समय मरीजों, तीमारदारों एवं अस्पताल के कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सहायता मिलती है।

इस अवसर पर डॉ. आलोक वर्मा, वरिष्ठ परामर्शदाता, डॉ. अरविंद कुशवाहा, वरिष्ठ परामर्शदाता, डॉ. मनोज, वरिष्ठ चिकित्साधिकारी सहित अस्पताल के अन्य चिकित्साधिकारी, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।