स्पैम कॉल और मैसेज पर सरकार का बड़ा एक्शन, पहली तिमाही में 1.83 लाख टेलीकॉम संसाधनों पर हुई कार्रवाई

अनचाहे व्यावसायिक कॉल और संदेशों (यूसीसी) पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में सख्त कार्रवाई की है।

स्पैम कॉल और मैसेज पर सरकार का बड़ा एक्शन, पहली तिमाही में 1.83 लाख टेलीकॉम संसाधनों पर हुई कार्रवाई

अनचाहे व्यावसायिक कॉल और संदेशों (यूसीसी) पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में सख्त कार्रवाई की है। संचार मंत्रालयने मंगलवार को बताया कि अप्रैल-जून तिमाही के दौरान 1.83 लाख टेलीकॉम संसाधनों के खिलाफकार्रवाई की गई, जबकि नियमों का उल्लंघन करने वाले 263 प्रेषकों को ब्लैकलिस्ट किया गया।मंत्रालय के अनुसार, बार-बार नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कई स्तरों पर कार्रवाई की गई। इसमेंआउटगोइंग सेवाओं पर रोक लगाना, लंबे समय के लिए कनेक्शन बंद करना, सभी टेलीकॉम ऑपरेटरों के स्तर पर प्रेषकों को ब्लैकलिस्ट करना तथा एसएमएस हेडर ब्लॉक करना शामिल है। इसका उद्देश्य स्पैम कॉल और प्रमोशनल संदेशों को नियंत्रित करना है।

सरकार ने बताया कि पहली तिमाही के दौरान देश के टेलीकॉम नेटवर्क से कुल 730.82 अरब कॉल की गईं। इसके मुकाबले यूसीसी से जुड़ी 10.85 लाख शिकायतें दर्ज हुईं। यानी औसतन हर 10 लाख कॉलपर करीब 1.5 शिकायतें प्राप्त हुईं।स्पैम कॉल और संदेशों की पहचान के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का भी उपयोग किया जारहा है। मंत्रालय के अनुसार, एआई-आधारित सिस्टम ने 24.43 अरब संदिग्ध स्पैम कॉल और एसएमएसकी पहचान की। इससे उपभोक्ताओं को यह निर्णय लेने में मदद मिली कि वे ऐसे कॉल या संदेशों कोनजरअंदाज करें या सावधानी के साथ स्वीकार करें।सरकार ने यह भी बताया कि संदिग्ध प्रेषकों को नियमों के पालन के लिए बड़े पैमाने पर चेतावनी नोटिस भेजे गए।

 चेतावनी प्रणाली शुरू होने के मात्र एक सप्ताह के भीतर 2.43 लाख से अधिक चेतावनी संदेश जारी किए गए।मंत्रालय केमुताबिक, ट्राई डीएनडी ऐप स्पैम शिकायत दर्ज कराने का सबसे बड़ा माध्यम बनकर उभराहै। कुल शिकायतों में से लगभग 89 प्रतिशत शिकायतें इसी ऐप के जरिए दर्ज की गईं। उपभोक्ता इसऐप के अलावा अपने टेलीकॉम सेवा प्रदाता की वेबसाइट, मोबाइल ऐप या फिर 1909 पर कॉल अथवाएसएमएस करके अपनी डू नॉट डिस्टर्ब (डीएनडी) प्राथमिकताएं दर्ज और संशोधित कर सकते हैं।
सरकार ने बताया कि देश में 112 करोड़ से अधिक मोबाइल उपभोक्ताओं ने अभी तक डीएनडीप्राथमिकताएं दर्ज नहीं कराई हैं। ऐसे उपभोक्ताओं तक पंजीकृत टेलीमार्केटर और कंपनियां व्यावसायिकसंदेश और कॉल भेज सकती हैं। मंत्रालय ने कहा कि जो उपभोक्ता अनचाहे प्रचार संदेशों और कॉल परनियंत्रण चाहते हैं, उन्हें डीएनडी रजिस्ट्री में अपनी पसंद दर्ज करानी चाहिए।

डीएनडी व्यवस्था का सकारात्मक प्रभाव भी देखने को मिला है। मंत्रालय के अनुसार, पंजीकृत डीएनडीप्राथमिकताओं के चलते 1.48 अरब प्रमोशनल कॉल और 7.30 अरब प्रमोशनल एसएमएस ब्लॉक किएगए, जिससे उपभोक्ताओं की पसंद का प्रभावी तरीके से पालन सुनिश्चित हुआ है।वहीं, इस अवधि में लगभग 13.16 अरब प्रमोशनल कॉल और 248.06 अरब व्यावसायिक एसएमएसअधिकृत संचार चैनलों के माध्यम से भेजे गए।स्पैम कॉल की पहचान आसान बनाने के लिए ट्राई ने प्रमोशनल कॉल के लिए 140 सीरीज शुरू की है।इस सीरीज से आने वाली कॉल उपभोक्ताओं को आसानी से पहचानने में मदद करती हैं। 

ऐसी कॉलग्राहकों की डीएनडी प्राथमिकताओं की जांच के बाद ही उन्हें भेजी जाती हैं, जिससे उपभोक्ता उन्हेंस्वीकार या अस्वीकार करने का फैसला कर सकें।इसके अलावा, 1600 सीरीज बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं, बीमा क्षेत्र तथा सरकार की ओर से नागरिकों कोभेजे जाने वाले सेवा और लेनदेन संबंधी कॉल के लिए निर्धारित की गई है, जिससे लोगों को महत्वपूर्णऔर आधिकारिक कॉल की पहचान करने में सुविधा मिलती है।