ऑनलाइन ट्रेडिंग कर मुनाफा कमाने का झांसा देकर महिला से 42 लाख रुपये ऐंठे

नोएडा, ऑनलाइन ट्रेडिंग कर मुनाफा कमाने का झांसा देकर साइबर अपराधियों नेजुर्ग महिला के साथ 42 लाख रुपये ठगे।

ऑनलाइन ट्रेडिंग कर मुनाफा कमाने का झांसा देकर महिला से 42 लाख रुपये ऐंठे

ऑनलाइन ट्रेडिंग कर मुनाफा कमाने का झांसा देकर साइबर अपराधियों नेजुर्ग महिला के साथ 42 लाख रुपये की ठगी

नोएडा,  ऑनलाइन ट्रेडिंग कर मुनाफा कमाने का झांसा देकर साइबर अपराधियों नेबुजुर्ग महिला के साथ 42 लाख रुपये ठगे। साइबर अपराधियों ने पहले महिला को व्हाट्सऐप ग्रुप मेंजोड़ा, फिर शेयर बाजार में मोटा मुनाफा कमाने का झांसा देकर कई किश्तों में उनके बैंक खाते से रमकअपने खातों में ट्रांसफर करा लिए। रकम वापस न मिलने पर महिला को ठगी का एहसास हुआ। साइबरथाना पुलिस ने अज्ञात ठगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की है।

पुलिस को दी शिकायत मेंसेक्टर-92 निवासी 67 वर्षीय बिंदू शर्मा ने बताया कि इसी साल उनके मोबाइल पर अनजान नंबर से
व्हाट्सऐप संदेश आया। शुरुआत में सामान्य बातचीत की गई और शेयर बाजार व ऑनलाइन ट्रेडिंग सेकम समय में अधिक मुनाफा कमाने की जानकारी दी गई। करीब दो दिन तक विश्वास जीतने के बादमहिला को एक व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ा। ग्रुप में कई लोग खुद को सफल निवेशक बताकर बड़े मुनाफे कीस्क्रीनशॉट साझा करते थे। ठगों ने महिला को एक ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर खाता खोलने औरअलग-अलग बैंक खातों में निवेश की रकम जमा करने के लिए कहा। शुरुआती निवेश पर ऐप में अच्छामुनाफा दिखाया गया, जिससे भरोसा और बढ़ गया।

इसके बाद उन्हें अधिक लाभ का लालच देकर बड़ीरकम निवेश करने के लिए प्रेरित किया गया। महिला ने कई बार में अपने बैंक खाते से कुल 42.13लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। कुछ समय बाद जब महिला ने निवेश की गई रकम और कथित मुनाफानिकालने की कोशिश की तो ठगों ने टैक्स, प्रोसेसिंग फीस, सिक्योरिटी डिपॉजिट और अन्य शुल्क केनाम पर और रुपये जमा कराने की मांग की। शक होने पर महिला ने पैसे देने से इनकार किया औररकम वापस मांगी, लेकिन न तो पैसा लौटा और न किसी ने संपर्क किया। इसके बाद उन्हें ठगी होने काअहसास हुआ। पीड़िता ने 26 फरवरी और 6 मार्च 2026 को राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल(एनसीआरपी) पर दो अलग-अलग शिकायतें दर्ज कराई थीं।

शिकायतों की जांच के दौरान बैंक खातों में हुए लेनदेन और डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया। जांच में पुष्टि हुई कि महिला ने साइबरअपराधियों के बताए बैंक खातों में कुल 42.13 लाख रुपये ट्रांसफर किए थे। इसके आधार पर साइबरथाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। जांच अधिकारी अब उन बैंक खातों,मोबाइल नंबरों, आईपी एड्रेस, व्हाट्सऐप चैट की जांच कर रहे हैं। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयासकर रही है कि गिरोह में कितने लोग शामिल हैं और इनके तार देश के किस हिस्से या विदेश से जुड़े हैं।ऐसे होती है ट्रेडिंग के नाम पर ठगीसाइबर अपराधी सोशल मीडिया, टेलीग्राम या व्हाट्सऐप के जरिए लोगों से संपर्क करते हैं। पहले मुफ्तनिवेश सलाह और कम समय में कई गुना मुनाफे का दावा किया जाता है। इसके बाद फर्जी ट्रेडिंग ऐपया वेबसाइट पर खाता खुलवाकर निवेश कराया जाता है। जब निवेशक पैसा निकालना चाहता है तोटैक्स, कमीशन या वेरिफिकेशन शुल्क के नाम पर और रकम मांगी जाती है। अंत में ठग मोबाइल नंबरबंद कर देते हैं और वेबसाइट या ऐप भी गायब हो जाता है।

अनजान व्यक्ति के कहने पर निवेश न करेंसाइबर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर शेयर बाजार याऑनलाइन ट्रेडिंग में निवेश न करें। केवल सेबी से पंजीकृत संस्थानों और अधिकृत निवेश प्लेटफॉर्म ही उपयोग करें। व्हाट्सऐप या टेलीग्राम ग्रुप में दिखाए जाने वाले मुनाफे के स्क्रीनशॉट पर भरोसा न करेंऔर किसी भी अनजान बैंक खाते में रुपये ट्रांसफर करने से पहले जांच कर लें। यदि ऑनलाइन निवेशके नाम पर ठगी का संदेह हो तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या एनसीआरपीपोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। समय पर सूचना देने से ठगी की रकम फ्रीज कराकर मिलने की
संभावना रहती है।