गाजियाबाद में पांच हजार करोड़ रुपए का घोटाला, मुख्य आरोपी फैजान भागा दुबई

गाजियाबाद, विभिन्न राज्यों में रहने वाले हजारों लोगों को 5000 करोड़ का चूना लगाने वाली कंपनी के निदेशकों एवंप्रबंधकों के खिलाफ कोर्ट के माध्यम से कविनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।

गाजियाबाद में पांच हजार करोड़ रुपए का घोटाला, मुख्य आरोपी फैजान भागा दुबई

गाजियाबाद,  विभिन्न राज्यों में रहने वाले हजारों लोगों को 5000 करोड़
का चूना लगाने वाली कंपनी के निदेशकों एवंप्रबंधकों के खिलाफ कोर्ट के माध्यम से कविनगर
थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। वादी एडवोकेट महेश कुमार वर्मा ने जिन निदेशकों के खिलाफ
मुकदमा दर्ज कराया है उनके नाम गौतमबुद्धनगर निवासी फैजान खान, दिल्ली के मयूर विहार
निवासी उरोज अली खान, दिल्ली निवासी शमशाद अहमद, नजमा खान, मेरठ के कैली गांव
निवासी मुकेश कुमार त्यागी, सलाउद्दीन, दिल्ली के लक्ष्मीनगर निवासी मोहम्मद जफर, हर्ष
राजन तिवारी, फैजान के रिश्तेदार मोहम्मद जफर और पंकज सोनी सेठ आदि हैं।
पुलिस के मुताबिक वादी ने रिपोर्ट दर्ज कराते हुए पुलिस को बताया उपरोक्त व इनके साथियों
ने लोगों को मोटा मुनाफा देने का झांसा देकर भारत के विभिन्न राज्यों में रहने वाले हजारों
लोगों की जीवन भर की कमाई यानि पांच हजार करोड़ से अधिक राशि हड़प ली। उसके बाद
फर्जी तरीके से संचालित की जा रही कंपनियों को बंद करके फरार हो गये। कवि नगर थाने में
वैदिक आयुरक्योर कंपनी और एक्सिस ई-कॉर्पोरेशन के खिलाफ पांच हजार करोड़ रुपये के बड़े
घोटाले का मामला दर्ज किया गया है। अधिवक्ता महेश कुमार वर्मा की शिकायत पर दस लोगों
को नामजद किया गया है। इन पर लोगों को निवेश के नाम पर ठगने का आरोप है।

एसीपी कविनगर सिद्धार्थ गौतम ने बताया कि अधिवक्ता महेश कुमार वर्मा के मुताबिक
कंपनियों ने नौ हजार रुपये की आईडी पर प्रतिमाह 1100 रुपये और घरेलू सामान पर 33
फीसदी छूट का वादा किया था। शुरुआत में निवेशकों को लाभ मिला, जिससे उनका विश्वास
बढ़ा। पंकज सोनी सेठ ने गाजियाबाद में कई बैठकें आयोजित कीं। कंपनियों ने विश्वास जमाने
के लिए ग्रोसरी की दुकानें भी खोलीं। निवेशकों से ग्रोसरी स्टोर के नाम पर लाखों रुपये के
समझौते किए गए। बाद में कंपनियां धीरे-धीरे गायब हो गईं और निवेशकों का पैसा हड़प लिया।
महेश वर्मा का आरोप है कि कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारी फैजान खान पर दुबई भाग
गए हैं। वह व्हाट्सएप के माध्यम से वीडियो भेजकर निवेशकों को पैसे वापस मिलने का
आश्वासन दे रहा है। हालांकि कंपनी ने अपना ऑनलाइन सिस्टम भी बंद कर दिया है।