दूधेश्वर नाथ मंदिर में 14 सितंबर से गणपति लड्डू महोत्सव, 1100 लड्डुओं से होगा गणपति बप्पा का अभिषेक; 17 को निकलेगी भव्य शोभायात्रा

गाजियाबाद, सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ मंदिर में इस वर्ष गणेश उत्सव को विशेष स्वरूप में मनाने की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

दूधेश्वर नाथ मंदिर में 14 सितंबर से गणपति लड्डू महोत्सव, 1100 लड्डुओं से होगा गणपति बप्पा का अभिषेक; 17 को निकलेगी भव्य शोभायात्रा

गाजियाबाद, सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ मंदिर में इस वर्ष गणेश उत्सव
को विशेष स्वरूप में मनाने की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मंदिर परिसर में 14 सितंबर से
तीन दिवसीय गणपति लड्डू महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। महोत्सव के दौरान भगवान
गणेश का 1100 लड्डुओं से विशेष अभिषेक किया जाएगा। इसके बाद 17 सितंबर को गणपति
बप्पा की भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। आयोजन को लेकर मंदिर परिसर में तैयारियां पूरी
कर ली गई हैं।
मंदिर के महंत नारायण गिरी ने बताया कि 14 सितंबर को सुबह 10 बजे विधि-विधान के साथ
गणपति बप्पा को मंदिर परिसर में विराजमान कराया जाएगा। गणपति की स्थापना के बाद
1100 लड्डुओं से भगवान गणेश का विशेष अभिषेक किया जाएगा। इसके साथ ही विशेष पूजा-
अर्चना का आयोजन होगा। उन्होंने बताया कि शाम चार बजे से छह बजे तक मंदिर में आरती
और विशेष पूजा का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के
मंदिर पहुंचने की संभावना है।
महंत नारायण गिरी के अनुसार, 14 सितंबर से 16 सितंबर तक प्रतिदिन गणपति बप्पा की
पूजा-अर्चना और आरती का क्रम जारी रहेगा। श्रद्धालु इस दौरान मंदिर पहुंचकर भगवान गणेश
के दर्शन कर सकेंगे और पूजा-अर्चना में शामिल हो सकेंगे। 16 सितंबर को तीन दिवसीय पूजा
कार्यक्रम का समापन होगा। इसके अगले दिन 17 सितंबर को मंदिर परिसर से भगवान गणेश
की भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। शोभायात्रा के साथ ही चार दिवसीय गणपति लड्डू
महोत्सव का विधिवत समापन होगा।
महंत नारायण गिरी ने बताया कि श्री दूधेश्वर नाथ मंदिर में गणेश उत्सव मनाने की परंपरा वर्ष
2011 से चली आ रही है। इस वर्ष आयोजन का 16वां वर्ष है। हर साल श्रद्धालुओं की आस्था
और उत्साह के साथ गणपति महोत्सव आयोजित किया जाता है। उन्होंने कहा कि इस बार
गणपति उत्सव को विशेष रूप से लड्डू महोत्सव के रूप में आयोजित किया जा रहा है। 1100
लड्डुओं से गणपति बप्पा का अभिषेक इस आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहेगा। मंदिर प्रबंधन
की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा और आयोजन को व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए
तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।