पहाड़ों में मूसलाधार बारिश का असर, गंगा उफान पर; कर्णवास, राजघाट और नरोरा, रामघाट घाटों पर हाई अलर्ट

उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार हो रही मूसलाधार वर्षा का असर अब गंगा के मैदानी इलाकों में भी स्पष्ट दिखाई देने लगा है। गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से डिबाई क्षेत्र के प्रमुख गंगा घाट—कर्णवास, राजघाट और नरोरा, रामघाट—पर प्रशासन ने हाई अलर्ट घोषित कर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।

पहाड़ों में मूसलाधार बारिश का असर, गंगा उफान पर; कर्णवास, राजघाट और नरोरा, रामघाट घाटों पर हाई अलर्ट

उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार हो रही मूसलाधार वर्षा का असर अब गंगा के मैदानी इलाकों में भी स्पष्ट दिखाई देने लगा है। गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से डिबाई क्षेत्र के प्रमुख गंगा घाट—कर्णवास, राजघाट और नरोरा, रामघाट—पर प्रशासन ने हाई अलर्ट घोषित कर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए हर घाट पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।

सावन माह के पावन अवसर पर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के लिए दूर-दराज से हजारों श्रद्धालु और कांवड़िए पवित्र गंगाजल लेने घाटों पर पहुंच रहे हैं। एक ओर शिवभक्ति का उत्साह चरम पर है, वहीं दूसरी ओर गंगा का तेज बहाव प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है।किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने सभी प्रमुख घाटों पर पुलिस बल, राजस्व विभाग, आपदा राहत दल तथा गोताखोरों की विशेष टीमें तैनात कर दी हैं। घाटों पर बैरिकेडिंग की गई है, खतरनाक क्षेत्रों को चिन्हित कर वहां लोगों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है तथा लाउडस्पीकर के माध्यम से लगातार सावधानी बरतने की अपील की जा रही है। श्रद्धालुओं को केवल सुरक्षित स्थानों से ही गंगाजल भरने की अनुमति दी जा रही है।

प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि गंगा के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है और स्थिति से निपटने के लिए सभी विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार का जोखिम न उठाएं, गहरे पानी में प्रवेश न करें तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्ण पालन करें।गंगा के बढ़ते जलस्तर के बीच प्रशासन की चौकसी और श्रद्धालुओं की आस्था का यह संगम पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

 सावन के पावन माह में जहां एक ओर "बोल बम" और "हर-हर महादेव" के जयघोष गूंज रहे हैं, वहीं दूसरी ओर प्रशासन हर श्रद्धालु की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए पूरी मुस्तैदी के साथ अपनी जिम्मेदारी निभा रहा है।