प्रदर्शन में छात्रों पर एके-47 से फायरिंग का मामला गंभीर, घटना की निष्पक्ष जांच हो: विनोद जाखड़
एनएसयूआई ने पेपर लीक के मुद्दे, छात्रों के आंदोलन पर पुलिस कीकार्रवाई और बिहार के सिवान में विरोध-प्रदर्शन के दौरान कथित एके-47 फायरिंग की घटना को लेकर केंद्र और राज्य सरकारों पर जुबानी हमला किया।
नई दिल्ली, एनएसयूआई ने पेपर लीक के मुद्दे, छात्रों के आंदोलन पर पुलिस की कार्रवाई और बिहार के सिवान में विरोध-प्रदर्शन के दौरान कथित एके-47 फायरिंग की घटना को लेकरकेंद्र और राज्य सरकारों पर जुबानी हमला किया। एनएसयूआई अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने कहा कि संगठनदेशभर में पेपर लीक के खिलाफ लगातार आंदोलन करता रहा है और छात्रों की आवाज दबाने के बजायसरकार को दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।विनोद जाखड़ ने कहा कि एनएसयूआई ने देशभर में पेपर लीक के खिलाफ मजबूती से आंदोलन किया।
जिस दिन नीट पेपर लीक का मामला सामने आया, उसी दिन से एनएसयूआई सड़कों पर प्रदर्शन कर रहीथी। संगठन के आंदोलन और विपक्ष के दबाव के बाद ही सरकार ने माना कि नीट का पेपर लीक हुआथा। पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर कई जगह वॉटर कैनन और लाठीचार्ज कियागया। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ भी बल प्रयोग हुआ, जबकि बिहार में भी प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया गया। महिलाओं के साथ भी दुर्व्यवहार की घटनाएं सामने आईं,जिनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए सिवान में छात्र आंदोलन के दौरान एके-47 से फायरिंग की घटना का उल्लेख करते हुए जाखड़ ने कहाकि यह बेहद गंभीर मामला है। यदि प्रदर्शनकारी छात्र थे तो उनके खिलाफ ऐसे हथियारों का इस्तेमालक्यों किया गया। यह जांच का विषय है कि इस तरह की कार्रवाई का आदेश किसने दिया।
संबंधित जवान को निलंबित कर देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि आदेश देने वाले अधिकारियों की भी जवाबदेही तयहोनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि एक घायल छात्र अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कररहा है। देशभर से छात्रों के फोन आ रहे हैं और कई स्थानों पर आंदोलन में शामिल छात्रों एवं उनकेपरिवारों के साथ कठोर व्यवहार किए जाने की शिकायतें मिल रही हैं। छात्रों के घरों पर पुलिस दबिश दीजा रही है और कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है।एनएसयूआई अध्यक्ष ने कहा कि पटना विश्वविद्यालय के छात्र नेता शांतनु शेखर सहित संगठन के कईकार्यकर्ता जेल में बंद हैं और उनकी रिहाई को लेकर कोई पहल नहीं हो रही है। सरकार की कथनी औरकरनी में अंतर है और छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान नहीं किया जा रहा। उन्होंने घोषणा कीकि वह पटना जाकर घायल छात्रों, पीड़ित परिवारों और जेल में बंद कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे।
साथ ही, उन्होंने कहा कि एनएसयूआई गिरफ्तार छात्रों की रिहाई, सिवान फायरिंग, पैलेट गन और अन्य बलप्रयोग की घटनाओं की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर आंदोलन तेज करेगीसिवान फायरिंग मामले में सरकार की ओर से संबंधित जवान को निलंबित किए जाने और जांच शुरूहोने के सवाल पर उन्होंने कहा कि केवल निलंबन से मामले का समाधान नहीं होगा। उन्होंने आरोपलगाया कि यह पता लगाया जाना चाहिए कि गोली चलाने का आदेश किस स्तर से दिया गया था। बिनाआदेश के कोई पुलिसकर्मी इस प्रकार की कार्रवाई नहीं करता और पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
पेपर लीक रोकने के लिए सरकार द्वारा टास्क फोर्स के गठन और एंटी पेपर लीक बिल लाए जाने परभी उन्होंने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पिछले 12 साल में 150 से अधिक पेपर लीक की घटनाएं होचुकी हैं। ऐसे में अब टास्क फोर्स बनाने से पहले पुराने मामलों में कार्रवाई और दोषियों को सजा दिएजाने का जवाब सरकार को देना चाहिए। 2024 के चर्चित पेपर लीक मामलों की जांच और दोषियों परहुई कार्रवाई अब तक स्पष्ट नहीं है और सरकार केवल घोषणाएं कर रही है।जाखड़ ने आगे कहा कि छात्रों को संविधान के तहत शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का अधिकार है और संगठन इस मुद्दे को लेकर देशभर में अपना आंदोलन जारी रखेगा।


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