भीड़ में लोगों के गले से सोने की चेन काटकर फरार होने वाले गिरोह की पांच महिलाएं गिरफ्तार

नोएडा, भीड़भाड़ वाले धार्मिक आयोजनों, मेलों और बाजारों में लोगों के गले से सोने की चेन काटकर फरार होने वाले कुख्यात राजगढ़ गिरोह की पांच महिलाओं को सेक्टर-20 थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

भीड़ में लोगों के गले से सोने की चेन काटकर फरार होने वाले गिरोह की पांच महिलाएं गिरफ्तार

नोएडा, भीड़भाड़ वाले धार्मिक आयोजनों, मेलों और बाजारों में लोगों के गले से सोने की चेन काटकर फरार होने वाले कुख्यात ;राजगढ़ गिरोह की पांच महिलाओं कोसेक्टर-20 थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से 6.1 किलोग्राम अवैध
गांजा भी बरामद किया है। सभी महिलाओं का आपराधिक इतिहास है।एडिशनल डीसीपी मनीषा सिंह ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह गिरोहमध्य प्रदेश के राजगढ़ से ट्रेन के जरिए नोएडा और दिल्ली-एनसीआर पहुंचता था। यहां भीड़भाड़
वाले आयोजनों में महिलाओं को निशाना बनाकर बेहद सुनियोजित तरीके से चेन काटता था।

चोरी के साथ ही गिरोह गांजे की तस्करी कर अतिरिक्त कमाई भी करता था। लोकल इंटेलिजेंसऔर बीट पुलिसिंग की मदद से सेक्टर-18 स्थित बिजलीघर के पास बने पार्क से नेहा, प्रेमा,बिंदिया उर्फ सोनाक्षी, लक्ष्मी और सुशीला उर्फ करिश्मा को गिरफ्तार किया गया। सभी महिलाएंशादीशुदा हैं और इनमें से कई पहले भी चोरी, लूट और चेन स्नैचिंग जैसे मामलों में जेल जाचुकी हैं। पुलिस ने इनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर पूछताछ शुरू करदी है। गिरोह का बेहद शातिर तरीका सामने आया है। वारदात के दौरान पांचों महिलाएं लगभगदस मीटर के दायरे में एक-दूसरे के आसपास रहती थीं, ताकि किसी को उन पर शक न हो।सबसे पहले एक महिला भीड़ में शिकार की पहचान करती। इसके बाद दूसरी महिला मौकामिलते ही धारदार कटर से गले की सोने की चेन काट देती। 

तीसरी महिला तुरंत चेन उठाकरचौथी के हाथ में थमा देती और चौथी उसे पांचवीं महिला तक पहुंचा देती। इस पूरी प्रक्रिया में
चेन काटने वाली महिला के पास कोई सामान नहीं बचता था। यदि पीड़ित शोर मचाता औरमौके पर मौजूद लोग महिलाओं को पकड़ भी लेते, तो तलाशी में उनके पास चेन नहीं मिलतीथी। इसी कारण कई बार भीड़ और पुलिस भी भ्रमित हो जाती थी तथा गिरोह के सदस्य बचनिकलते थे। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक गिरोह की सबसे बड़ी ताकत उसकी टीमवर्क औरकुछ ही सेकंड में सबूत गायब कर देने की रणनीति थी।पूछताछ में पता चला कि गिरोह विशेष रूप से उन स्थानों को चुनता था, जहां हजारों लोगों कीभीड़ रहती है। हाल ही में जगन्नाथ यात्रा के दौरान भी ये महिलाएं नोएडा पहुंची थीं। इसकेअलावा रामलीला, धार्मिक मेले, बाजार और बड़े सार्वजनिक आयोजनों में भी यह गिरोह सक्रियरहता था। भीड़ में धक्का-मुक्की का फायदा उठाकर महिलाएं वारदात को अंजाम देती थीं औरकुछ ही मिनटों में स्थान बदल देती थीं।

पुलिस का कहना है कि गिरोह में पांच महिलाओं के अलावा कई अन्य सदस्य भी शामिल हैं। इनमें कुछ महिलाएं दिल्ली में रहकर नेटवर्क संचालितकरती हैं। अन्य सदस्यों की तलाश में पुलिस टीमें जुटी हैं।एसीपी प्रवीण सिंह ने बताया कि गिरोह केवल चेन चोरी तक सीमित नहीं था। महिलाएं मध्यप्रदेश से ट्रेन के जरिए गांजा भी लेकर आती थीं। इसे नोएडा और आसपास के क्षेत्रों में बेचकर
अतिरिक्त आय अर्जित करती थीं। गिरफ्तार महिलाओं के कब्जे से 6 किलो 100 ग्राम गांजाबरामद हुआ है। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि इनके तार किन तस्करों और खरीदारों सेजुड़े हैं।थाना प्रभारी ने बताया कि गिरफ्तार महिलाओं का आपराधिक रिकॉर्ड भी लंबा है। नेहा, बिंदिया,लक्ष्मी और सुशीला के खिलाफ लखनऊ, दिल्ली, आगरा और इटावा समेत विभिन्न शहरों में
चोरी, लूट, चेन चोरी और लूटपाट के कई मुकदमे दर्ज हैं।

पुलिस का मानना है कि गिरोह वर्षोंसे अलग-अलग राज्यों में इसी तरह की वारदातों को अंजाम देता रहा है। सेक्टर-20 थाना पुलिसअब इन महिलाओं से पूछताछ कर उनके अन्य साथियों, चोरी की चेन के खरीदारों और गिरोहके पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है। पुलिस यह भी खंगाल रही है कि हाल के महीनों मेंनोएडा और दिल्ली-एनसीआर में हुई चेन चोरी की कितनी घटनाओं में इस राजगढ़ गिरोह कीभूमिका रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी केलिए भी अभियान चलाया जाएगा।