Delhi को मिला पहला पूर्ण महिला पुलिस थाना, हर शनिवार होगी जन सुनवाई

राजधानी दिल्ली को अपना पहला पूर्ण महिला पुलिस थाना मिल गयाहै। उत्तरी दिल्ली के सब्जी मंडी क्षेत्र में स्थापित इस विशेष थाने का उद्घाटन शुक्रवार को उपराज्यपालतरनजीत सिंह संधू ने किया।

Delhi को मिला पहला पूर्ण महिला पुलिस थाना, हर शनिवार होगी जन सुनवाई

पहला पूर्ण महिला पुलिस थाना

राजधानी दिल्ली को अपना पहला पूर्ण महिला पुलिस थाना मिल गयाहै। उत्तरी दिल्ली के सब्जी मंडी क्षेत्र में स्थापित इस विशेष थाने का उद्घाटन शुक्रवार को उपराज्यपालतरनजीत सिंह संधू ने किया। इस अवसर पर दिल्ली पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा, महिला थाना प्रभारीलक्ष्मी सिंह सहित अनेक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।यह दिल्ली का पहला ऐसा पुलिस थाना है जहां थाना प्रभारी से लेकर जांच अधिकारी, सहायक कर्मी औरअन्य स्टाफ तक पूरा प्रशासनिक एवं संचालन तंत्र महिलाओं द्वारा संचालित किया जाएगा। इस पहल काउद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाना तथा उनके विरुद्ध होने वाले अपराधों के
मामलों में त्वरित एवं संवेदनशील कार्रवाई सुनिश्चित करना है।

उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए तरनजीत सिंह संधू ने कहा कि यह महिला पुलिस थानामहिलाओं को अपनी शिकायतें, समस्याएं और सुरक्षा संबंधी मुद्दे बिना किसी भय के रखने के सुरक्षित एवं भरोसेमंद वातावरण उपलब्ध कराएगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं को न्याय दिलाने कीप्रक्रिया को अधिक सरल, प्रभावी और सुलभ बनाना इस पहल का प्रमुख उद्देश्य है।उपराज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘नारी शक्ति’ को राष्ट्र निर्माण की आधारशिला माननेवाले दृष्टिकोण से प्रेरित होकर यह महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि यह थाना महिलाओंको सहायता, सुरक्षा और न्याय प्रदान करने के लिए समर्पित केंद्र के रूप में कार्य करेगा।इस अवसर पर उपराज्यपाल ने दिल्ली पुलिस की महिला सुरक्षा से जुड़ी विभिन्न पहलों की भी समीक्षाकी। उन्होंने ‘पिंक बूथ’ और ‘सशक्ति’ जैसे अभियानों का उल्लेख करते हुए पुलिस अधिकारियों कोराजधानी के विभिन्न क्षेत्रों में ऐसे और केंद्र विकसित करने के निर्देश दिए, ताकि महिला-अनुकूल पुलिसव्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जा सके।उन्होंने यह भी घोषणा की कि अब प्रत्येक शनिवार को वरिष्ठ पुलिस अधिकारी विभिन्न पुलिस थानों मेंजन सुनवाई कार्यक्रम आयोजित करेंगे।

 इस दौरान नागरिक अपनी शिकायतें और समस्याएं सीधेअधिकारियों के समक्ष रख सकेंगे। उनका कहना था कि पुलिस और जनता के बीच संवाद बढ़ाने सेशिकायतों के समाधान की प्रक्रिया अधिक प्रभावी होगी।महिला पुलिस थाना विशेष रूप से महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों की रोकथाम, जांच औरत्वरित निस्तारण पर केंद्रित रहेगा। घरेलू हिंसा, यौन उत्पीड़न, पीछा करने की घटनाएं, मारपीट औरमहिलाओं की सुरक्षा से जुड़े अन्य मामलों की सुनवाई और जांच प्राथमिकता के आधार पर की जाएगी।पुलिस अधिकारियों के अनुसार थाना केवल शिकायत दर्ज करने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि महिलाओंको उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए जागरूकता अभियान, परामर्श सत्र औरसामुदायिक संपर्क कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।

 इन कार्यक्रमों के माध्यम से महिलओं कोउपलब्ध कानूनी सहायता और सुरक्षा तंत्र की जानकारी प्रदान की जाएगी।उपराज्यपाल ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि यदि वे किसी महिला के साथ अन्याय, उत्पीड़नया अपराध की घटना देखें तो तत्काल पुलिस को सूचित करें। उन्होंने कहा कि सुरक्षित और सशक्तमहिला ही प्रगतिशील समाज की मजबूत नींव होती है तथा सभी को मिलकर एक सुरक्षित, समावेशी औरविकसित दिल्ली के निर्माण में योगदान देना चाहिए।दिल्ली पुलिस का मानना है कि इस नई पहल से महिलाओं का पुलिस व्यवस्था पर विश्वास और अधिकमजबूत होगा तथा उन्हें अपनी समस्याएं खुलकर रखने के लिए अनुकूल वातावरण प्राप्त होगा। महिलासुरक्षा और न्याय व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में इसे एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।