भारी बारिश के बाद राहत कार्य तेज, नोएडा प्राधिकरण ने शहरभर में चलाया विशेष अभियान
नोएडा । लगभग 20 घंटे तक हुई लगातार बारिश के बाद नोएडा के कई क्षेत्रों से जलभराव की शिकायतें मिलने पर नोएडा प्राधिकरण ने तत्काल व्यापक राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।
नोएडा के कई क्षेत्रों से जलभराव की शिकायतें मिलने पर नोएडा प्राधिकरण ने तत्काल व्यापक राहत एवं बचाव अभियान शुरू
नोएडा । लगभग 20 घंटे तक हुई लगातार बारिश के बाद नोएडा के कई क्षेत्रों से जलभराव की शिकायतें मिलने पर नोएडा प्राधिकरण ने तत्काल व्यापक राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। प्राधिकरण की 10 वर्क सर्किलों की टीमें पूरी रात और दिनभर मैदान में डटी रहीं तथा जेसीबी, पोकलेन, हाईवा, सुपर सकर और अन्य आधुनिक मशीनों की मदद से नालों की सफाई एवं जल निकासी का कार्य कराया गया।प्राधिकरण ने बताया कि शहर के सभी अंडरपासों में जनरेटर लगाकर पानी की तेजी से निकासी कराई गई, जिससे सभी अंडरपासों को यातायात के लिए सुरक्षित एवं सुचारु रूप से खोल दिया गया।
जल विभाग द्वारा चिन्हित 28 लो-लाइंग (निचले) क्षेत्रों में पहले से ही डीजल पंपसेट तैनात किए गए थे, जिनकी सहायता से समय रहते पानी की निकासी कर जलभराव की स्थिति बनने से रोका गया।नोएडा के 104 प्रमुख नालों, जिनकी कुल लंबाई लगभग 320 किलोमीटर है, पर 42 जेसीबी, 2 पोकलेन तथा 102 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को सफाई एवं जल निकासी कार्य में लगाया गया। वहीं, कुछ स्थानों पर बेसमेंट में पानी भरने की शिकायत मिलने पर विशेष टीमों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत कार्य किया।
प्राधिकरण ने बताया कि शहर के कवर नालों की सफाई का कार्य पांच सुपर सकर मशीनों के माध्यम से लगातार जारी है तथा नालों की डी-सिल्टिंग का लगभग 80 प्रतिशत कार्य पूरा किया जा चुका है।जलभराव से संबंधित शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए नोएडा प्राधिकरण ने 24×7 कॉल सेंटर भी संचालित किया है। नागरिक 0120-2423795 पर फोन कर जलभराव की शिकायत दर्ज करा सकते हैं। शिकायत मिलते ही क्विक रिस्पॉन्स टीम आवश्यक उपकरणों के साथ मौके पर पहुंचकर समस्या का समाधान कर रही है।
प्राधिकरण ने यह भी बताया कि वर्षा ऋतु को देखते हुए शहर में स्वच्छता अभियान को प्राथमिकता दी जा रही है। डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण के तहत प्रतिदिन लगभग 900 टन घरेलू कचरे का संग्रह एवं निस्तारण किया जा रहा है, जबकि 400 टन सी एंड डी (निर्माण एवं विध्वंस) कचरे का भी प्रतिदिन वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जा रहा है, ताकि शहर में स्वच्छता एवं जनस्वास्थ्य प्रभावित न हो।


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