नोएडा के 81 गांवों में सीवर और जल के स्थाई कनेक्शन की मांग को लेकर भारतीय किसान संगठन की बैठक आयोजित
उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर जिले के अंतर्गत नोएडा क्षेत्र में स्थानीय बुनियादी सुविधाओं और किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं।
उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर जिले के अंतर्गत नोएडा क्षेत्र में स्थानीय बुनियादी सुविधाओं और किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में आज ग्राम गढ़ी चौखंडी में भारतीय किसान संगठन के नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता रनी पहलवान द्वारा की गई, जिसमें मुख्य रूप से नोएडा के इक्यासी गांवों में सीवर और पेयजल के स्थाई कनेक्शन दिए जाने को लेकर गंभीर चर्चा की गई।
बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि नोएडा विकास प्राधिकरण को गांवों में सीवर और जल के स्थाई कनेक्शन उपलब्ध कराने के लिए विशेष शिविर लगाने चाहिए। इन शिविरों की शुरुआत ग्राम गढ़ी चौखंडी से की जानी चाहिए ताकि स्थानीय ग्रामीणों को जल निकासी और शुद्ध पेयजल की स्थायी सुविधा मिल सके। संगठन का मानना है कि बुनियादी सुविधाओं के लिए ग्रामीणों को लंबे समय से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जिसका समाधान अब प्राथमिकता के आधार पर होना चाहिए।
बैठक को संबोधित करते हुए भारतीय किसान संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र यादव ने कहा कि नोएडा विकास प्राधिकरण की स्थापना को लगभग पचास वर्ष पूरे होने को हैं, किंतु विडंबना यह है कि आज भी स्थानीय किसान अपनी मूल समस्याओं जैसे आबादी निस्तारण, विकसित प्लॉटों के आवंटन और चौंसठ प्रतिशत अतिरिक्त प्रतिकर के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि गांवों की वर्तमान स्थिति बद से बदतर होती जा रही है और प्राधिकरण किसानों की सुध नहीं ले रहा है।
ग्रामीणों की ओर से अपनी बात रखते हुए रत्नपाल यादव ने सवाल उठाया कि गांवों को स्थाई रूप से सीवर और पानी के कनेक्शन देने में प्राधिकरण को आखिर क्या दिक्कत आ रही है। जब ग्रामीण स्वयं इसके लिए तैयार हैं और लगभग सभी गांवों में सीवर व जल की आपूर्ति पहले से ही किसी न किसी रूप में सुचारू है, तो कनेक्शन जारी करने में देरी क्यों की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी ग्रामवासी स्थाई कनेक्शन की पुरजोर मांग करते हैं और इस मामले में किसी भी प्रकार की हीलालाहवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में आबादी निस्तारण के मुद्दे पर भी विशेष रूप से जोर दिया गया। भरत प्रधान ने अपने संबोधन में कहा कि जब तक ग्रामीण अपने ही घरों के कानूनी और असल मालिक नहीं बन जाते, तब तक यह संघर्ष और मुहिम लगातार जारी रहेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि नोएडा प्राधिकरण मूल निवासियों को उनके ही घरों से बेघर करने की नीतियों पर काम कर रही है, जिसे किसान कतई सफल नहीं होने देंगे।
बैठक के अंत में एक बार फिर से सभी इक्यासी गांवों की समस्याओं के त्वरित और स्थाई समाधान की मांग दोहराई गई। इस अवसर पर अमर सिंह, आदेश, राजपाल, रणवीर प्रधान, पहलाद, सुखवीर, जगदीश, विजेंद्र, धर्मपाल प्रधान, रवि प्रमुख, सुंदर, दीपू, राजन, बबलू, रिंकू, ओंकार, प्रमोद और योगेश शर्मा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और संगठन के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


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