प्रेम संबंध बना संडीला मे दोहरे हत्याकांड की वजह, पुलिस ने 48 घंटे में किया खुलासा

हरदोई, संडीला थाना क्षेत्र में 30 जुलाई को अतरौली मार्ग स्थित निर्माणाधीन जल जीवन मिशन की पानी की टंकी के पास मिले दो युवकों के शवों के मामले का पुलिस ने 48 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है।

प्रेम संबंध बना संडीला मे दोहरे हत्याकांड की वजह, पुलिस ने 48 घंटे में किया खुलासा

हरदोई, संडीला थाना क्षेत्र में 30 जुलाई को अतरौली मार्ग स्थित
निर्माणाधीन जल जीवन मिशन की पानी की टंकी के पास मिले दो युवकों के शवों के मामले का
पुलिस ने 48 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर तीन
बाल अपचारियों को पुलिस अभिरक्षा में लिया है। आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त 315
बोर का तमंचा, एक खोखा कारतूस, मृतकों के दो मोबाइल फोन तथा दो बांस के डंडे बरामद
किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार 30 जुलाई की सुबह डायल-112 पर सूचना मिली थी कि तकिया-आटामऊ
मार्ग पर सड़क किनारे दो युवकों के शव पड़े हैं। मृतकों की पहचान कछौना थाना क्षेत्र के रेसों
निवासी अरुण चौरसिया और गौहनिया निवासी अभिषेक चौरसिया के रूप में हुई थी। दोनों के
सिर और चेहरे पर गंभीर चोटों के निशान मिले थे, जिसके बाद हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच
शुरू की गई।
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी और क्षेत्राधिकारी संडीला की निगरानी
में गठित टीमों ने जांच के दौरान कुलदीप और प्रमोद को गिरफ्तार किया, जबकि तीन बाल
अपचारियों को अभिरक्षा में लिया गया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि मृतक अरुण एक
बाल अपचारी की बहन से फोन पर बातचीत करता था और उससे मिलता-जुलता था। इसे लेकर
आरोपी नाराज थे। कई बार समझाने के बावजूद बातचीत बंद न होने पर हत्या की साजिश रची
गई। घटना से दो दिन पहले बांस काटकर डंडे तैयार किए गए और उन्हें घटनास्थल के पास
छिपा दिया गया। 29 जुलाई की शाम अरुण और अभिषेक को कोल्ड ड्रिंक पार्टी के बहाने
निर्माणाधीन पानी की टंकी पर बुलाया गया। वहां पहले से बनाई गई योजना के तहत दोनों पर
बांस के डंडों, ईंट-पत्थरों से हमला किया गया। पुलिस के अनुसार अरुण की सांस चलती देखकर
उसके चेहरे पर तमंचे से गोली भी मारी गई, जिससे दोनों की मौत हो गई।पुलिस के मुताबिक
पूछताछ में यह भी सामने आया कि घटना से पहले आरोपियों ने मृतक अभिषेक से पूछा था कि
हत्या के बाद पुलिस से कैसे बचा जा सकता है। इसके बाद आरोपियों ने अपने मोबाइल फोन
बंद न कर उन्हें अपने भाइयों के पास छोड़ दिया, ताकि उनकी लोकेशन दूसरे स्थान पर दिखाई
देती रहे। वारदात के बाद दोनों मृतकों के मोबाइल भी अपने साथ ले गए।