महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ी, सरकार ने त्योहारों से पहले चीनी की मिठास में कड़वाहट घोली: कांग्रेस
कांग्रेस ने कहा है कि मोदी सरकार की गलत नीतियों के कारण महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है और मध्यम वर्ग का घरेलू बजट पूरी तरह बिगड़ गया है।
कांग्रेस ने कहा है कि मोदी सरकार की गलत नीतियों के कारण
महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है और मध्यम वर्ग का घरेलू बजट पूरी तरह बिगड़ गया है।
पार्टी ने शनिवार को यहां जारी एक बयान में कहा कि साबुन, डिटर्जेंट, टूथपेस्ट और बिस्कुट जैसी
रोजमर्रा की वस्तुओं से लेकर आटा, चावल, मसाले, खाद्य तेल और चीनी जैसी आवश्यक वस्तुओं की
कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। पार्टी के अनुसार, पिछले एक महीने में आटे की कीमत 32 से बढ़कर 40
रुपये तथा चावल की 42 से 54 रुपये प्रति किलो हो गई है।
जीरे की कीमत 180 से 380 रुपये, हल्दी की 130 से 260 रुपये, सरसों तेल की 165 से 200 रुपये,
मूंगफली तेल की 170 से 230 रुपये और रिफाइंड तेल की 130 से 190 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है।
चीनी भी दो महीनों में करीब 40 प्रतिशत तक महंगी हुई है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने
सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि दुनिया के बड़े चीनी उत्पादक और निर्यातक भारत में चीनी का भंडार
नौ साल के निचले स्तर पर क्यों है और स्थिति चीनी का निर्यात रोकने तथा 10 लाख टन चीनी शुल्क-
मुक्त आयात करने तक क्यों पहुंची। उन्होंने कहा कि तीन महीने में चीनी करीब 40 प्रतिशत महंगी हो
गई है। त्योहारों से पहले जनता पर पड़ी इस महंगाई की मार का जिम्मेदार कौन है।
उन्होंने सवाल किया कि जब देश में चीनी की कमी है और सरकार विदेश से चीनी मंगा रही है तो गन्ने
और अनाज को ई-20 के लिए एथनॉल बनाने में इस्तेमाल करने की नीति की समीक्षा क्यों नहीं की जा
रही है। पार्टी के संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने कहा कि साबुन से कारों तक, मसालों से आटा,
चावल, चीनी और तेल तक महंगाई का असर दिखाई दे रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार
की गलत नीतियों के कारण आम जनता महंगाई की चक्की में पिस रही है और सरकार बढ़ती महंगाई
को काबू करने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठा रही है।


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