नागपंचमी पर धर्मनगरी काशी में सनातनी घरों में पूजे गए नाग देवता, शिव मंदिरों में उमड़ी भीड़
वाराणसी, श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी यानि नागपंचमी पर सोमवार को उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी में विधि विधान से घर-घर नागदेवता का पूजन अर्चन किया गया।
वाराणसी, श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी यानि नागपंचमी पर सोमवार को उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी में विधि विधान से घर-घर नागदेवता का पूजन अर्चन कियागया। इस अवसर पर नागों (नागों के चित्र) की पूजा कर उन्हें पंचामृत, घृत, कमल, दूध, लावा अर्पितकिया गया। शहर और ग्रामीण अंचल के विभिन्न शिवमंदिरों में भी पूजा की थाली लेकर पहुंचे श्रद्धालुओं
ने भगवान शिव व उनके गले में लिपटे सर्प को बेल पत्र, धतूरा, फूल, हल्दी चावल, दूध आदि चढ़ाकर विधि विधान से पूजा अर्चना की।नाग पंचमी पर्व पर ही काशी पुराधिपति बाबा विश्वनाथ और नागकुंआ नवापुरा स्थित नागेश्वर महादेवके दर्शन के लिए भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा।
पूजन अर्चन के बाद घरों में पकवान बना कर नागदेवता को भोग लगाया गया। इसके बाद परिवार के सदस्यों ने पकवान को हंसी खुशी माहौल में खाया। वहीं,इस मौके पर कई घरो में परिजनों की कालसर्प योग की शांति के लिए नाग देवता सहित ग्रह राहु- केतु
की पूजा की गयी। इसके पूर्व पर्व पर रिमझिम बारिश के बीच अलसुबह छोटे गुरु का, बड़े गुरु का, नागलो भई नाग लो की हांक लगा छोटे-छोटे बच्चे नाग देवता का चित्र बेचने के लिए हर गली मोहल्ले मेंघूमते रहे। लोग बड़े चाव से बच्चों से नाग देवता की तस्वीर खरीद पूजा पाठ करते रहे।नागपंचमी पर काशी की पारंपरिक अखाड़ा संस्कृति भी जीवंतपर्व पर परम्परानुसार सपेरे टोकरी ( पिटारे में) में नाग लेकर लोगों को दर्शन कराके अच्छा खासा चढ़ावाभी पाते रहे ।
नागपंचमी पर काशी की पारंपरिक अखाड़ा संस्कृति भी जीवंत नजर आई। विभिन्न अखाड़ोंमें सुबह से ही पहलवानों ने मिट्टी पूजन के बाद कुश्ती और शारीरिक दमखम की प्रतियोगिताओं कीतैयारियां शुरू कर दीं। पहलवानों ने दंड-पैठक लगाकर शरीर को अभ्यास के लिए तैयार किया। शहर केरामसिंह अखाड़ा, गयासेठ अखाड़ा, पंडाजी का अखाड़ा, मानमंदिर अखाड़ा, बबुआ पांडेय अखाड़ा, बड़ागणेश अखाड़ा, जग्गू सेठ अखाड़ा, रामकुंड अखाड़ा, लालकुटी व्यायामशाला, कालीबाड़ी, गैबीनाथ औरतकिया सहित कई अखाड़ों में कुश्ती, दंगल और अन्य पारंपरिक खेलों का आयोजन हुआ।
कबड्डी औरचिकवा जैसे पारंपरिक खेलों ने भी लोगों का ध्यान खींचा। दोपहर में मल्लयुद्ध और दंगल के मुकाबलेहुए।बचऊ वीर अखाड़े में पहलवानों ने दंगल में दिखाया दमखमनागपंचमी पर्व पर सोमवार को काशी हिंदू विश्वविद्यालय परिसर स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर, बचऊ वीर अखाड़ा भी पहलवानों के दमखम का साक्षी बना। यहां आयोजित दंगल में बच्चों से लेकर बड़े पहलवानोंने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी कुश्ती कला का प्रदर्शन किया। बड़े पहलवानों के बीच गुल्लूपहलवान और काशी पहलवान का दंगल बराबरी पर छूटा। वहीं, सपा नेता अमन यादव और भाजपापार्षद राम सिंह कल्लू के बीच हुए रोमांचक मुकाबला (इनाम 5100) भी बराबरी पर छूटा। बच्चों केदंगल में विराट यादव, ओम, श्रेयांश यादव और आरव यादव सहित अन्य बच्चों ने प्रतिभाग किया। बच्चोंको प्रोत्साहन स्वरूप बर्तन एवं 101 रुपये नकद पुरस्कार प्रदान किया गया। वहीं बड़े पहलवानों कोबाल्टी एवं 501 रूपये नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
दंगल प्रतियोगिता में शामिल संकठाप्रसाद यादव, सुनील यादव, श्रीराम फौजी, बाबूलाल यादव एवं रवि यादव ने बताया कि पारंपरिकआयोजनों से युवाओं और बच्चों में कुश्ती एवं भारतीय खेल संस्कृति के प्रति रुचि बढ़ती है तथा हमारी पुरानी परंपराओं को आगे बढ़ाने में मदद मिलती है।


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