हड़ताली चालकों के समर्थन में उतरे मुकेश शर्मा, निजी कंपनियों पर शोषण का आरोप

नई दिल्ली, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधायक मुकेश शर्मा ने दिल्ली परिवहन निगम के अंतर्गत निजी कंपनियों के माध्यम से कार्यरत हड़ताली चालकों की मांगों का समर्थन करते हुए

हड़ताली चालकों के समर्थन में उतरे मुकेश शर्मा, निजी कंपनियों पर शोषण का आरोप

नई दिल्ली कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधायक मुकेश शर्मा ने दिल्ली परिवहन निगम के अंतर्गत निजी कंपनियों के माध्यम से कार्यरत हड़ताली चालकों की
मांगों का समर्थन करते हुए सरकार से उनके वेतन में वृद्धि, समान कार्य-समान वेतन कासिद्धांत लागू करने और चिकित्सा बीमा की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है। उन्होंनेदिल्ली की जनता को हो रही परेशानी के लिए निजी कंपनियों पर जुर्माना लगाने तथा हड़तालके लिए उनकी जवाबदेही तय करने की मांग भी उठाई।मुकेश शर्मा शुक्रवार को शाम करीब 4:00 बजे द्वारका स्थित सेक्टर-22 के दिल्ली परिवहन निगम डिपो पहुंचे। इस दौरान उन्होंने बड़ी संख्या में मौजूद हड़ताली चालकों से मुलाकात कीऔर उन्हें अपना समर्थन देते हुए संबोधित किया। उनके साथ कांग्रेस नेता विक्रांत त्यागी भी 

मौजूद थे। डिपो के आसपास बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। दिल्ली प्रदेशकांग्रेस कमेटी इससे पहले भी चालकों की हड़ताल को लेकर चिंता व्यक्त कर चुकी है।चालकों के शोषण का लगाया आरोपमुकेश शर्मा ने आरोप लगाया कि दिल्ली परिवहन निगम में निजी कंपनियों के माध्यम सेकार्यरत चालकों और कर्मचारियों का शोषण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चालकों से पूरेमहीने काम लिया जाता है, लेकिन उन्हें केवल 26 दिनों का वेतन दिया जाता है। इसकेअतिरिक्त, बसों में छोटे-मोटे नुकसान का हवाला देकर उनके वेतन से जबरन राशि काटे जानेकी शिकायतें भी सामने आ रही हैं।उन्होंने कहा कि इन चालकों को समान कार्य के लिए समान वेतन का अधिकार मिलना चाहिए।साथ ही, उन्हें महंगाई भत्ता और चिकित्सा संबंधी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जानी चाहिए।मुकेश शर्मा ने इन सुविधाओं के अभाव को श्रमिकों के हितों के विरुद्ध बताते हुए निजीकंपनियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।

डीटीसी में भर्ती की मांग
मुकेश शर्मा ने कहा कि दिल्ली परिवहन निगम में नए चालकों और कर्मचारियों की भर्ती बंद है।ऐसे में सरकार को सेवानिवृत्त चालकों के कारण रिक्त होने वाले पदों पर प्राथमिकता के आधारपर हड़ताली चालकों की भर्ती करने पर विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि ये चालकप्रशिक्षित हैं और आवश्यक नियमों को पूरा करते हैं, इसलिए उनके अनुभव का लाभ दिल्लीपरिवहन निगम को मिलना चाहिए।उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि हड़ताल को विफल करने के लिए दिल्ली परिवहन निगम केकर्मचारियों पर दबाव बनाया जा रहा है। मुकेश शर्मा ने कहा कि चालकों की समस्याओं कासमाधान बातचीत और लोकतांत्रिक तरीके से किया जाना चाहिए।

जनता की परेशानी पर सरकार से कार्रवाई की मांग

कांग्रेस नेता ने कहा कि पिछले 3 दिनों से सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था प्रभावित होने के कारण दिल्ली के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यात्रियों का आवागमन प्रभावितहोने के साथ ही उनका अतिरिक्त खर्च भी बढ़ रहा है।उन्होंने दिल्ली सरकार से मांग की कि जनता को हो रही परेशानी के लिए जिम्मेदार निजीकंपनियों पर भारी जुर्माना लगाया जाए। साथ ही, हड़ताल की पूरी जिम्मेदारी संबंधित कंपनियोंपर तय की जाए। उन्होंने कहा कि सरकार के पास कार्रवाई करने के पर्याप्त अधिकार हैं औरउसे जनहित में तत्काल कदम उठाने चाहिए।कंपनियों के अधिग्रहण का सुझावमुकेश शर्मा ने कहा कि यदि निजी कंपनियां हड़ताली चालकों की जायज मांगों को स्वीकार नहींकरती हैं, तो सरकार को इन कंपनियों के अधिग्रहण की दिशा में विचार करना चाहिए। उन्होंने
कहा कि चालकों को निर्माण श्रमिकों की तर्ज पर तत्काल 10 लाख रुपये का चिकित्सा बीमाकवर उपलब्ध कराया जाना चाहिए।उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार चाहे तो निर्माण श्रमिकों की परिभाषा में आवश्यक बदलाव करसकती है। इसके अलावा, सरकार के पास ऐसे अन्य विकल्प भी मौजूद हैं, जिनके माध्यम से
चालकों को चिकित्सा बीमा और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं।

सभी डिपो में चालकों से मुलाकात का ऐलान
मुकेश शर्मा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी लगातार बेरोजगारी तथा पीड़ित लोगों के मुद्दों को उठाते रहे हैं। उन्होंने हड़ताली चालकों को आश्वासन दिया कि वे उनके अधिकारों केलिए चलाए जा रहे आंदोलन का कानून और लोकतंत्र के दायरे में रहकर पूरा समर्थन करेंगे।उन्होंने कहा कि वह दिल्ली के सभी दिल्ली परिवहन निगम डिपो में जाकर हड़ताल पर बैठेचालकों से मुलाकात करेंगे और उनके आंदोलन में हरसंभव सहयोग देंगे। उन्होंने सरकार सेअपील की कि चालकों की जायज मांगों का शीघ्र समाधान किया जाए, ताकि दिल्ली की जनताको सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था बाधित होने के कारण और अधिक परेशानी न उठानी पड़े।