वाराणसी में 20 मिलीमीटर प्रति घंटे की गति से बढ़ रहा गंगा नदी का जलस्तर, बदला गया स्नान का स्थान
वाराणसी, हिमालय की पहाड़ियों पर तेज बारिश से गंगा नदी का जलस्तर बढ़ा है। साेमवार काे इसका असर वाराणसी में भी दिख रहा है।
वाराणसी, हिमालय की पहाड़ियों पर तेज बारिश से गंगा नदी का जलस्तर बढ़ा है। साेमवार काे इसका असर वाराणसी में भी दिख रहा है। केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट आने के बादघाट किनारे रहने वाले लोग एहतियात बरत रहे हैं। जल पुलिस, एनडीआरएफ, स्थानीय पुलिस की टीमेंभी लोगों को सावधानी बरतने के लिए कह रही है।केंद्रीय जल आयोग के मिडल गंगा डिवीजन ने सोमवार को गंगा के जलस्तर की वर्तमान स्थिति कोजारी किया। साेमवार सुबह 11 बजे तक वाराणसी में गंगा नदी का जलस्तर 61.28 मीटर दर्ज कियागया है। सामान्य रूप से अलग गंगा नदी का जलस्तर लगभग 20 मिलीमीटर प्रति घंटे की गति से बढ़रहा है। अभी भी खतरे के निशान से गंगा का जलस्तर काफी नीचे है।
गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण वाराणसी में घाटों पर स्थापित मंदिरों की चौखट तक जल पहुंच चुका है। इससे रोजमर्रा के स्नान और दर्शन पूजन करने वाले स्थानीय लोगों को कठिनाइयों का सामनाकरना पड़ रहा है। भभुआ पाण्डेय घाट पर निवास करने वाले रवि पाण्डेय ने बताया कि गंगा का जलस्तरप्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी बरसात के दिनों में बढ़ा है, जिससे स्नान का स्थान बदल दिया गया है।स्नान करने वाले थोड़ा ऊपर आ कर नहा रहे हैं। वही मंदिरों के दर्शन बाहर से हो जा रहे हैं।शिवगंगा दैनिक प्रभात फेरी के संगठन मंत्री नरेंद्र नाथ ने बताया कि उनके प्रभात फेरी के सभी लोगअहिल्याबाई घाट पर स्नान करते हैं। गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण ऊपर चौकी के पास ही वह लोगस्नान कर रहे हैं। वहीं चौकी का भी स्थान अब बदला जा रहा है।
वाराणसी में घाट किनारे घूमने आने वाले पर्यटकों के लिए नमो घाट एक बड़ा पर्यटन केंद्र है। गंगा काजलस्तर बढ़ने के कारण नमो घाट पर भी गतिविधि पर असर होता दिख रहा है। आने वाले कुछ दिनों में घाट पर दूसरे घाट पर आवागमन रोक दिया जा सकता है।


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