गाजियाबाद: सोया चाप फैक्ट्री पर फूड सेफ्टी विभाग का छापा, गंदगी मिलने पर 200 किलो चाप नष्ट
गाजियाबाद, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने गाजियाबाद के शालीमार गार्डन क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक सोया चाप फैक्ट्री पर छापा मारा।
गाजियाबाद,खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने गाजियाबाद के
शालीमार गार्डन क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक सोया चाप फैक्ट्री पर छापा मारा। निरीक्षण
के दौरान फैक्ट्री में अस्वच्छ परिस्थितियों में खाद्य सामग्री का निर्माण होता पाया गया। इसके
बाद विभागीय टीम ने करीब 200 किलोग्राम सोया चाप को मौके पर ही नष्ट करा दिया।
जानकारी के अनुसार, खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने गणेशपुरी भाटी चौक, थाना शालीमार
गार्डन क्षेत्र स्थित घनश्याम चाप नामक विनिर्माण परिसर का निरीक्षण किया। यह प्रतिष्ठान
खाद्य पंजीकरण संख्या 22725688000268 के तहत संचालित पाया गया। कार्रवाई के दौरान
पंजीकरणधारी ऊषा शुक्ला मौके पर मौजूद नहीं थीं, जबकि फैक्ट्री मैनेजर पंकज गुप्ता की
मौजूदगी में जांच प्रक्रिया पूरी की गई।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने फैक्ट्री में तैयार किए जा रहे सोया चाप की गुणवत्ता और
साफ-सफाई व्यवस्था की जांच की। टीम ने 50 किलोग्राम रंगीन सोया चाप में से एक नमूना,
150 किलोग्राम सफेद सोया चाप में से एक नमूना और दो क्विंटल मैदा का एक नमूना जांच के
लिए सुरक्षित किया।
जांच के दौरान टीम को फैक्ट्री परिसर में भारी गंदगी और अस्वच्छ माहौल मिला। अधिकारियों
के अनुसार, खाद्य सामग्री का निर्माण खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं किया जा रहा था।
इस पर कार्रवाई करते हुए लगभग 200 किलोग्राम सोया चाप, जिसकी अनुमानित कीमत करीब
20 हजार रुपये बताई गई है, को मौके पर ही नष्ट करा दिया गया।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने प्रतिष्ठान के पंजीकरण को आवश्यक सुधार किए जाने तक निलंबित
करने की संस्तुति की है। साथ ही फैक्ट्री संचालकों को तत्काल प्रभाव से संचालन बंद रखने के
निर्देश दिए गए हैं।
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि मौके से लिए गए सभी नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला
भेज दिया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के
तहत संबंधित लोगों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले और
खाद्य पदार्थों में लापरवाही बरतने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।


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