12 सितंबर को लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत, पेंडिंग चालान और कोर्ट केस निपटाने का मौका; हेल्पलाइन नंबर 7678643985 जारी

अगर आपका भी कोई कोर्ट केस, बैंक ऋण का विवाद, बिजली-पानी का बिल या वाहनों का ई-चालान लंबे समय से लंबित है, तो 12 सितंबर 2026 का दिन आपके लिए बेहद राहत भरा साबित हो सकता है।

12 सितंबर को लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत, पेंडिंग चालान और कोर्ट केस निपटाने का मौका; हेल्पलाइन नंबर 7678643985 जारी

यूएन न्यूज़ डिजिटल डेस्क, गौतमबुद्धनगर

अगर आपका भी कोई कोर्ट केस, बैंक ऋण का विवाद, बिजली-पानी का बिल या वाहनों का ई-चालान लंबे समय से लंबित है, तो 12 सितंबर 2026 का दिन आपके लिए बेहद राहत भरा साबित हो सकता है। गौतमबुद्धनगर के जिला मुख्यालय स्थित दीवानी न्यायालय और सभी तहसील न्यायालयों में शनिवार सुबह 10 बजे से राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है।

प्रेसवार्ता के दौरान जनपद न्यायाधीश अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि लोक अदालत का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यहाँ वर्षों पुराने मामलों का निपटारा बिना किसी अदालती फीस के और दोनों पक्षों की आपसी सहमति से तुरंत कर दिया जाता है। लोक अदालत में फैसले के खिलाफ कोई अपील भी नहीं होती, जिससे विवाद हमेशा के लिए खत्म हो जाता है।

डिजिटल जन-सुविधाएं और हेल्पलाइन:

विशेष टेली सेवा: वादकारी 11 और 12 सितंबर को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक मोबाइल नंबर 7678643985 पर कॉल करके अपने पेंडिंग केस और चालान की जानकारी ले सकते हैं।

ग्राउंड हेल्प डेस्क: दीवानी न्यायालय परिसर में गेट नंबर 2 और कंप्यूटर कक्ष के पास 4 सहायता केंद्र बनाए गए हैं, जहाँ जन सेवा केंद्र के माध्यम से मदद मिलेगी।

पेमेंट सेतु लिंक: मोटर वाहन ई-चालान का मौके पर ही डिजिटल भुगतान और निस्तारण करने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट के 'पेमेंट सेतु लिंक' की सुविधा दी गई है।

किन-किन मामलों का होगा मौके पर समाधान?
राष्ट्रीय लोक अदालत में मुख्य रूप से ट्रैफिक ई-चालान, चेक बाउंस (138 NI Act), वैवाहिक व पारिवारिक विवाद, मोटर दुर्घटना दावा (MACT), बैंक लोन रिकवरी, बिजली व टेलीफोन बिल, श्रम विवाद, पेंशन और दीवानी मामलों का निस्तारण किया जाएगा।

प्रशासन और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने जिले के नागरिकों से अपील की है कि कचहरी के लंबे चक्करों से बचने के लिए 12 सितंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत और हेल्प डेस्क की सुविधाओं का अधिकाधिक लाभ उठाएं।